किताबों में उलझी गन्ने की पैदाइस, बच्चों में भ्रम फैला रहा बेसिक शिक्षा का ज्ञान, आप भी जानकर रह जाएंगे हैरान

किताबें पढ़कर अध्यापक भी रह गए हैरान, बीएसए से शिकायत करने के लिए कहा

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Meerut। जिन किताबों को पढ़कर बच्चे जीवन जीने की राह सीखते हैं, वही बच्चों में भ्रम की स्थति पैदा करने लगे तो क्या होगा। जी हां बेसिक शिक्षा कि किताबें पढ़कर बच्चे असमजस में है। नया मामला गन्ने की पैदाइश को लेकर सामने आया है। पिछले कई सालों में किताबों के लेखक यह साफ नहीं कर पाए हैं कि यह किस मौसम की फसल है। बच्चे किताबों को पढ़कर जो सीखते हैं, अगली क्लास की किताब पढ़कर अपना ही सिर पीटने लगते हैं।

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शिक्षक भी पकड़ गए सिर 

गन्ने की फसल को लेकर दर्जनों सालों से यह भ्रम की स्थिति परेशानी का सबब बनी है। उन्होंने जो फसल पहली कक्षा में रबी की पढ़ी है, वो अगली कक्षा में खरीफ की कैसे हो गई। किताबों में इसका कोई तर्क भी स्पष्ट नहीं किया गया है। दौराला ब्लाक स्थित गाँव बेहटा प्राथमिक विद्यालय के हेड मास्टर धर्मपाल ने यह गलती पकड़ी। वह कक्षा में बच्चों को फसल चक्र पढ़ा रहे थे। पढाते-पढाते शिक्षक भी सिर पकड गए। हाल ही में यह गलती गांव पाली में पढाने वाली एक शिक्षिका ने पकड़ी, लेकिन करें तो क्या। जब लेखक ही नहीं समझ पा रहे कि गन्ना किस मौसम की फसल है तो बच्चे क्या करेंगे।हैरानी तब हुई जब उनका ध्यान कक्षा चार की किताब के पेज पर फसल चक्र दर्शाते हुए ग्राफ पर गई। उसमें गन्ने को रबी की फसल दिखाया गया। वहीं धर्मपाल कक्षा पांच की हमारा परिवेश किताब में गन्ने को खरीफ की फसल पढा चुके थे। इसी गलती को और तलाश किया गया तो कक्षा आठ के कृषि विज्ञान में गन्ने को जायद की फसल दर्शाया गया है।

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जब बेसिक शिक्षा की किताबों की खामियों के लेकर बीएसए से बात की गई तो उन्होने मामले की जांच के बाद किताबों के ठीक कराने का आश्वासन दिया है।

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