Privatization के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने MLA को सौंपा ज्ञापन, सरकार से फैसला वापसी की मांग

बिजली के निजीकरण के खिलाफ लामबंद होते जा रहे विभाग के कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी मांगों से अवगत कराया

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मेरठ। बिजली के निजीकरण के खिलाफ लामबंद होते जा रहे विभाग के कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से उत्तर प्रदेश सरकार को अपनी मांगों से अवगत कराया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले एकजुट हुए महकमे के कर्मचारियों ने शुक्रवार को हस्तिनापुर से भाजपा विधायक दिनेश खटीक को अपना मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में कर्मचारियों ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम को ​तीन टुकड़ों में विभाजित कर पूरे विद्युत वितरण को निजीकरण किए जाने का फैसले का एक सितंबर से शां​तिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। जबकि इस विषय में सरकार द्वारा संज्ञान न लिए जाने पर कर्मचारियों में भारी रोष है।

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घरेलू उपभोक्ताओं को 8000 से 10000 रुपए का बिल भरना होगा

संघर्ष समिति की ओर से बताया गया कि अगर निजीकरण लागू होता है तो कंपनियां उपभोक्ताओं को लागत से कम दाम पर बिजली नहीं देंगी और नए मूल्य आम जन के बजट से बाहर होंगे। ऐसे में सरकार को चाहिए कि अपने इस फैसले को तत्काल रूप से वापस ले। इसके साथ ही बिजली के निजीकरण की स्थिति में किसानों को हर माह लगभग 8000 और घरेलू उपभोक्ताओं को 8000 से 10000 रुपए का बिल भरना होगा। ज्ञापन में बताया कि इससे पहले आगरा और ग्रेटर नोएडा में भी सरकार द्वारा बिजली का निजीकरण किया जा चुका है, लेकिन यह योजना औंधे मुंह गिर गई। लिहाजा इससे सबक लेते हुए सरकार को पूर्वांचल का निजीकरण संबंधी फैसला वापस लेना चाहिए।

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कर्मचारियों की सेवा शर्तें बुरी तरह से प्रभावित होंगी

संघर्ष समिति की ओर से मेरठ जनपद के सह संयोजक आरए कुशवाहा ने ज्ञापन में माध्यम से शासन को अवगत कराया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण किए जाने की स्थिति में ​बिजली कर्मचारियों की सेवा शर्तें बुरी तरह से प्रभावित होंगी, जिसके चलते उनका आर्थिक, सामाजिक और मानसिक तानाबाना संकट में आ जाएगा। ई. कुशवाहा और संयोजक रोहित कुमार समेत सभी बिजली कर्मचारियों ने ज्ञापन के माध्यम से विधायक दिनेश खटीक से अनुरोध किया वो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनकी समस्याओं से अवगत कराएं।

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