Aman Jain Murder Case: साहब! मेरा बेटा कलियुग का श्रवण कुमार था…अब हम किसके सहारे जियेंगे…

चार बदमाशों ने भागमल जैन सर्राफ के यहां से दस लाख रुपये और पांच किलो चांदी लूट ली थी

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-सुंदर चंदेल

मेरठ। आज बाजार बंद था, दुकानों के शटर भी गिरे हुए थे। इक्का-दुक्का लोग ही सड़क पर दिखाई दे रहे थे। इस सन्नाटे के बीच बस एक घर के दरवाजे खुले दिखाई पड़ रहे थे, घर के बाहर कुर्सी पर एक-दो लोग और कुछ पुलिस कर्मी बैठे थे, मानों जैसे पहरा दे रहे हों। इस अजीब सी कशमकश के बीच जब हम उस खुले हुए दरवाजे पर पहुंचे तो एक वृद्ध सिर पकड़े बैठा कुछ बड़-बड़ा रहा था। इस पहले कि हम कुछ पूछते वो हमारी ओर देखते हुए बोला “साहब! मेरा बेटा कलियुग का श्रवण कुमार था। हमारा तो संसार ही लुट गया। अब हम किसके सहारे जियेंगे”। दरअसल, यह आंसू भरा यह कृदन किसी ओर कहा नहीं, बल्कि उस अभागे और बेबस बाप का था, जिसके जवान बेटे की हत्या पांच दिन पहले उसकी आंखों के सामने ही कर दी गई थी।

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जी हां…अब तक आप समझ ही गए होंगे कि हम सर्राफ अमन जैन हत्या कांड की बात कर रहे हैं। जिस जगह का ऊपर जिक्र किया गया है, वह जाग्रति विहार सैक्टर-2 और वह मजबूर शख्स खुद अमन जैन के पिता थे। दरअसल, UP Live News की टीम जब शनिवार को जाग्रति विहार स्थित घटना स्थल पर पहुंची तो बाकि सबकुछ भूल एक बेबस पिता की व्यथा ही सुनती रह गई। इस दौरान हुई बातचीत में अमन जैन के पिता सतीश चंद जैन ने बताया कि उनके लिए अमन बिल्कुल कलियुग के श्रवण कुमार जैसा था। उन्होंने बताया “बेटियों की शादी के बाद हमारे घर में केवल तीन ही शख्स थे, मैं, मेरी अपाहिज पत्नी और बेटा अमन। रीढ़ की हड्डी में समस्या होने के कारण पत्नी लंबे समय से बिस्तर पर है और हिलडुल नहीं सकती। इसलिए खाना बनाने से लेकर घर की सफाई तक का सारा काम अमन ही करता था”

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…जब माता-पिता के पांव धोकर पीने लगा अमन

पिता सतीश जैन ने बताया “घर के काम और मां की साफ-सफाई से निपट कर ही अमन दुकान पर बैठता था। जबकि उसके आने तक दुकान का काम मैं संभालता था। घटना के दिन भी अमन रसोई में खाना बना रहा था और मैं दुकान पर बैठा था। बदमाशों के साथ मेरी हाथा-पाई की आवाज सुनकर वह घर से बाहर आया और भगवान को प्यारा हो गया”। पिता सतीश ने बताया सोमवार को वह अपनी ​मां को डॉक्टर को दिखाने वाला था, जिसके लिए उसने अपॉइंटमेंट भी लिया था। इसके बाद अमन के पिता ने जो बताया वह सुनकर सबका गला रुंध गया। पिता सतीश ने बताया “एक बार अमन को किसी ने बता दिया कि माता-पिता की सेवा से ही जीवन में सफलता मिलती है, जिसके बाद उसने छह मास तक लगातार हमारे चरण धोकर पिए”…बस इतना कहते-कहते ही सतीश जैन की आवाज रुंध गई और वह फफक-फफक कर रोने लगे और आसपास के लोग उनको संभालने लगे। अमन के पिता की यह व्यथा सुनकर बस सब लोगों के मुंह से एक ही आवाज निकल रही थी…भगवान किसी के साथ इतना बुरा न करना।

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10 लाख रुपये और पांच किलो चांदी की लूट

आपको बता दें कि मंगलवार दोपहर के वक्त चार बदमाशों ने भागमल जैन सर्राफ के यहां से दस लाख रुपये और पांच किलो चांदी लूट ली थी। उसी वक्त सर्राफ सतीश चन्द्र जैन के बेटे अमन जैन ने जब बदमाशों का विरोध किया तो उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद बदमाश फायरिंग करते हुए सी ब्लाक पुल की ओर फरार हो गए थे। फिलहाल पुलिस अमन के हत्यारों की खोजबीन में जुटी है।

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