योगी सरकार मदरसों को करेगी ऑनलाइन, बच्चों को मिलेगी ये सुविधाएं, शुरू की गई तैयारी

प्रदेश सरकार यूपी के सभी मदरसों को आनलाइन करने जा रही है। साथ ही वहां के बच्चों को अन्य शिक्षण संस्थाओं की तरह कई तरह की सुविधाएं देगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है और सभी मदरसों से डाटा मांगा जा रहा है।

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लखनऊ। प्रदेश के सभी मदरसों (UP Madarsa) को ऑनलाइन (Madarsa Online) किया जाएगा। बच्चों को शिक्षा और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए योगी सरकार (Yogi Government) ने तैयारी शुरू कर दी है। सभी मदरसों व उनके छात्रावासों में रह रहे बच्चों का डाटा (Students Data) एकत्र किया जा रहा है। अन्य छात्रावासों के बच्चों की तरह छात्रवृत्ति या अन्य सुविधाएं मदरसों के बच्चों को भी दी जाएगी। राज्य सरकार (UP Government) ने इसके लिए अभियान चलाकर प्रदेश के सभी मदरसों को ऑनलाइन व्यवस्था (Madarsas Online) से जोड़ने के लिए कहा है। राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. विशेष गुप्ता के अनुसार सभी जिलों के अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को इस काम में लगाया गया है।

प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कई मदरसे हैं। कई बार इन मदरसों के बच्चे किसी वजह से भागकर जब शिकायत करते हैं और संबंधित विभाग मदरसों के जिम्मेदारों से संपर्क करता है तो जवाब मिलता है कि वह अल्पसंख्यक कल्याण या किसी अन्य विभाग से संबद्ध नहीं हैं। इसे देखते हुए सरकार ने सभी मदरसों को ऑनलाइन कर उन्हें जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के दायरे में लाने का फैसला किया है।

मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त मदरसों के छात्र-छात्राएं भी अब एनसीईआरटी की किताबों से तालीम हासिल करेंगे। दो साल के इंतजार के बाद प्रदेश के सभी 560 अनुदानित मदरसों में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, उर्दू, इतिहास, भूगोल की एनसीईआरटी की किताबें मुफ्त वितरित करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार ने दो साल पहले कक्षा 1 से 5 और कक्षा 5 से 8 और आलिया या उच्च आलिया स्तर के मदरसों में एनसीईआरटी की किताबों से पढ़ाई की मंजूरी दी थी। प्रदेश में मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त करीब 16,461 मदरसे हैं। इनमें से 560 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं।

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