बिजली विभाग में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारियों का शोषण बर्दाश्त नहीं: भूपेन्द्र

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मेरठ। बिजली विभाग में कार्यरत प्राइवेट कर्मचारियों के संगठन निविदा संविदा कर्मचारी सेवा समिति ने रविवार को बागपत और हापुड़ में बैठकों का आयोजन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों ने कर्मचारी हित में अपनी आवाज उठाई। हापुड़ में हुई मीटिंग को संबोधित करते हुए पश्चिमांचल के सचिव नरेन्द्र त्यागी ने कहा कि कर्मचारियों का किसी भी सूरत में शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

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समिति के राष्ट्रीय महामंत्री अमित खारी ने कहा कि हापुड़ में गढ़ क्षेत्र के 5 कर्मचारियों को लगभग 6 माह से इजी सोर्स कंपनी के द्वारा वेतनमान का भुगतान नहीं किया गया और एक्सीडेंट होने पर उनका कोई इलाज नहीं कराया जा रहा है। ऐसे में उच्च अधिकारियों से मिलकर और उर्जा मंत्री को पत्र भेज कर घायल कर्मचारी के परिजनों के लिए आर्थिक मदद की मांग की जाएगी। इस दौरान शिव कुमार गिरी सतीश पवार दीपक कश्यप धर्मेंद्र भाटी आदि मौजूद रहे।

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वहीं, बागपत क्षेत्र में आयोजित हुई बैठक को समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने संबोधित किया।
इस दौरान भूपेंद्र ने कहा कि बागपत बड़ौत में ठेकेदारों के द्वारा कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है। जिसमें कर्मचारियों को 6800 से लेकर ₹8500 तक वेतनमान दिया जा रहा है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट आदेश दिया हुआ है कि संविदा कर्मचारियों को पूरा वेतन दिया जाना चाहिए। आदेशानुसार श्रम विभाग उत्तर प्रदेश सरकार के न्यूनतम वेतन के हिसाब से कुशल कर्मचारी को 9415 रुपए और एक कुशल कर्मचारी को क्षेत्र से ₹80 मिलना चाहिए। जबकि बागपत में कर्मचारियों को बहुत ही कम वेतन दिया जा रहा है।

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इस दौरान समिति के कोषाध्यक्ष विनोद कुमार, मीडिया प्रभारी मोहम्मद काशिफ, पश्चिमांचल अध्यक्ष मुदस्सिर अली आदि मौजूद रहे।

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