corona टीकाकरण: स्वास्थ्य विभाग ने मांगा नर्सिंग स्टाफ का ब्यौरा, जानकारी उपलब्ध नहीं कराने पर कार्रवाई, डॅाक्टर सहित अन्य सभी कर्मचारियों की देनी होगी जानकारी

वैक्सीन के साइडइफेक्ट से कतरा रहा मेडिकल स्टाफ, सूची उपलब्ध कराने में दिखा रहे उदासीनता

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meerut: कोरोना टीकारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग काफी संजिदा नजर आ रहा है। प्रथम चरण में जनपद के सभी सरकारी और गैर सरकारी स्वास्थ्य कर्मचारियों को टीका लगाया जाना है। इसके लिए जिले के सभी स्वास्थ्य संबंधी संस्थानों से कर्मचारियों का ब्यौरा मांगा जा रहा है। कोई भी स्वास्थ्य कर्मी वैक्सीन के बिना न रहे, इसके लिए सरकार ने स्थानीय लेवल पर सूची उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही डॅाक्टर सहित अन्य मेडिकल स्टाफ की जानकारी न देने पर लाइसेंस निरस्त करने की चेतावनी भी दी है।

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हालाकि शासन ने करीब 15 दिन पहले सभी सरकारी व गैरसरकारी मेडिकल स्टाफ की सूची मांगी थी। जो अब तक भी जनपद का चिकित्सा विभाग सौंपने में अक्षम साबित हुआ है। इसी को लेकर आलाधिकारी नाराज दिख रहे हैं। उन्होने साफ शब्दों में कहा है यदि जो भी संस्थान स्टाफ की जानकारी उपलब्ध नहीं कराएगा, उसके लाइसेंस का नवनीकरण नहीं किया जाएगा। प्रत्येक संस्थान के लाइसेंस के रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। सूचना न देने वाले संस्थानों को कई बार नोटिस भी भेजा जा चुका है। फिर भी उदासीनता बरती जा रही है।

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मेडिकल के साइडइफेक्ट से डर रहे कर्मचारी

केन्द्र सरकार के दिशानिर्देशानुसार सबसे पहले वैक्सीन मेडिकल क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को लगे। क्योंकि मेडिकल से जुडें लोग सीधे मरीजों के संपर्क में रहते हैं। इसलिए उन्हें संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है, लेकिन कुछ स्वास्थ्यकर्मी यह वैक्सीन नहीं लगवाना चाहते हैं। नाम न छापने की शर्त पर एक अस्पताल संचालक ने बताया कि वैक्सीन नई है इसलिए स्वास्थ्यकर्मी इसे लगवाने से कतरा रहे हैं।

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