बुलंदशहर। पुलिस पीड़ितों के साथ अपना रवैया बदलने को तैयार नहीं है और उन्हें पी​ड़ा देने से भी बाज नहीं आ रही। बुलंदशहर के ककोड़ क्षेत्र में युवती के साथ हुए दुष्कर्म के बाद उसका मेडिकल अभी तक नहीं हो सका है। पीड़िता ने ककोड़ थाने के एक दरोगा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के सामने दरोगा ने शर्त रखी है कि उसका मेडिकल वह तभी कराएगा, जब वह उसे खुश कर देगी। दरोगा अपनी बात पर अड़ गया तो पीड़िता ने एसएसपी से गुहार लगाई है।

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ककोड़ क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली युवती ने बताया कि तीन अगस्त को उसके पड़ोस में रहने वाली काजल और कोमल ने उसे कुछ काम के लिए अपने घर पर बुलाया। यहां पर सहारनपुर जिले के गांव बिलासपुर का जितेंद्र गुर्जर पहले से मौजूद था। आरोप है कि काजल और कोमल ने युवती को जबरन जितेंद्र गुर्जर की कार में बैठा दिया। जितेंद्र उसे लेकर सहारनपुर आ गया। उसके साथ उसने कई दिन तक दुष्कर्म किया। जिसके बाद पुलिस ने युवती को सहारनपुर से बरामद कर लिया। उधर, काजल, कोमल और जितेंद्र के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।

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पीड़िता का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है। इस मुकदमे की विवेचना कर रहा दारोगा पीड़िता पर दबाव बना रहा है कि वह उसके साथ संबंध बनाए। यदि उसने ऐसा करने से इनकार किया तो उसका कभी मेडिकल नहीं कराएगा और उसका केस कमजोर कर देगा। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इसकी जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है। एसपी सिटी की रिपोर्ट आने के बाद ही दारोगा पर कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा। इससे पहले भी दारोगा के खिलाफ एक थाने में तैनात महिला कांस्टेबल ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। उस दाैरान दारोगा को तत्कालीन एसएसपी ने सस्पेंड कर दिया था।

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