29 साल पढ़ाने के बाद अचानक कोर्ट का आया आदेश तो हो गया मुकदमा दर्ज, जानिए क्यों

यूपी में फर्जीवाड़ा करके शिक्षक की नौकरी पाने के कई मामले दर्ज हुए हैं। बागपत में विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री से ​शिक्षक बनने के 29 साल बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।

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बागपत। यूपी में फर्जीवाड़ा करके शिक्षक बनने के एक के बाद एक ​मामले सामने आ रहे हैं। नया मामला बागपत जनपद का है। यहां के आदर्श वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज के शिक्षक पर फर्जीवाड़ा करके 29 साल नौकरी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट के बाद पुलिस गहराई से छानबीन कर रही है।

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आदर्श वैदिक विद्यालय इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य सुक्रमपाल सिंह तोमर की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया गया कि शिक्षक सहदेव सिंह चौधरी ने 1989 में शिक्षा शास्त्री की उपाधि ली थी, लेकिन विश्वविद्यालय में उनका कोई रिकार्ड नहीं मिला। उसने विद्यालय में 28 दिसंबर 1991 में फर्जी तरीके से शिक्षक की नियुक्ति पाई। इस फर्जीवाड़े के चलते सहदेव ने 29 साल तक शिक्षक के रुप में नौकरी की। शिक्षा शास्त्री के प्रमाण पत्र में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी दर्ज है, जबकि मार्कशीट में सच्चा अध्यात्म संस्कृत महाविद्यालय अरैल इलाहाबाद लिखा है।

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कोर्ट ने इसे कूटरचित मानते हुए थाना छपरौली में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। इसी बीच, कार्यवाहक थाना प्रभारी नरेश सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर सहदेव सिंह चौधरी निवासी मधुबन कॉलोनी, बड़ौत के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।

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