कोरोना से गांव वालों की रक्षा करेगा UP का यह अफसर, ‘मेरा गांव-मेरा देश’ नाम से पेश किया नायाब मॉडल

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मेरठ। कोरोना की दूसरी लहर लोगों पर कहर बनकर टूट रही है। इस बार सबसे खतरनाक बात यह है कि कोरोना नाम का यह दानव हमारे दूर-दराज के गांवों तक जा पहुंचा, जिसने केंद्र, राज्यों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। लेकिन इस बीच उत्तर प्रदेश के एक अफसर ने कोरोना से ग्रामीणों की रक्षा का तोड़ ढूंढ लिया है। यहां हम बात कर रहे हैं कि यूपी के अमरोहा जिले में तैनात SDM मांगेराम चौहान की। अमरोहा की मंडी-धनौरा तहसील में तैनात मांगेराम चौहान ने कोरोना की रोकथाम के लिए मेरा गांव-मेरा देश नाम का एक अनोखा मॉडल पेश किया है। जिसका काम कोरोना को गांवों में घुसने से रोकना होगा।

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मॉडल के तहत चार नियम बनाए गए

SDM मांगेराम चौहान बताते हैं कि इस मॉडल के तहत चार नियम बनाए गए हैं, जिस पर जनता काम करेगी। वहीं, जनता के सहयोग के लिए तहसील क्षेत्र के लेखपाल और स्टॉफ से लेकर ग्राम प्रधानों और राशन डीलरों तक की मदद ली जाएगी। क्या होंगे चार नियम?

सामाजिक समारोह नियंत्रण एवं पर्यावरण संवर्धन

SDM मांगेराम के अनुसार इस मॉडल का सबसे पहला काम ग्राम स्तर पर होने वाले सामाजिक कार्यक्रमों जैसे शादी विवाह समारोह, नामकरण, मृत्यु भोज, वैवाहिक वर्षगांठ, जन्मदिन या अन्य छोटे-बड़े त्योहारों पर जन भागीदारी को न्यूनतम बनाना होगा। वहीं, कोरोना की रोकथाम का यह मॉडल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने में भी अति सहायक होगा। जैसे कि मृत्यु भोज को समाप्त कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए और उसकी याद में परिजनों से एक पौधा लगवाया जाएगा। इस पौधे को दिवंगत व्यक्ति का ही नाम दिया जाएगा। वहीं, नव दंपति अपना वैवाहिक जीवन शुरुआत पौधारोपण से करेंगे। शादी की वर्षगांठ व अन्य मौकों पर ही ऐसा ही किया जाएगा।

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ग्राम पंचायत बाजार व्यवस्था

मांगेराम बताते हैं कि गांव के लोग रोजमर्रा के सामानों के निकटम कस्बे या शहरी बाजारों पर निर्भर होते हैं। जिसके लिए उनको गाहे-बगाहे शहर जाना होता है। क्योंकि देश में इस समय कोरोना काल चल रहा है, इसलिए रोजमर्रा के सामान के चक्कर में गांव वालों द्वारा शहर से बीमारी लाने की भी पूरी आशंका रहती है। ऐसे में अब गांव में दुकानदारों को घर के सामान की होम डिलिविरी की जिम्मेदारी दी जाएगी। जिसकी देखरेख ग्राम प्रधान के निगरानी में रहेगी। इससे गांव वालों को अनावश्यक रूप से शहर की ओर को दौडऩा नहीं पड़ेगा।

ग्राम पंचायत शिकायत पंजिका

एसडीएम मांगेराम चौहान के अनुसार अब गांव वालों को अपनी शिकायत या प्रार्थना पत्र के लिए तहसील, ब्लॉक या फिर जिला कार्यालय नहीं जाना होगा। इसके लिए गांव स्तर पर ही एक शिकायत पंजिका की व्यवस्था कराई जाएगी। जिसके चलते गांव वालें अपनी किसी भी समस्या की शिकायत इस पंजिका में कर सकेंगे। ग्राम प्रधान इस शिकायत को संबंधित विभाग या अधिकारी को वॉहट्सएप करेगा और उसका निस्तारण सुनिश्चित कराएगा। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर निपट सकने वाले विवादों को आपसी समझोते या सहमति के आधार पर निपटाया जाएगा। ग्राम पंचायत अधिकारी या लेखपाल को इसका नोडल बनाया जाएगा।

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निगरानी समितियां

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मांगेराम के अनुसार ग्राम पंचायत स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया जाएगा, जिसका काम बाहर से आने वाले लोगों और गांव के लोगों में कोरोना के लक्षणों को रजिस्टर किया जाएगा। यह समिति ऐसे लोगों का कोरोना टेस्ट कराएगी और दवाई आदि की व्यवस्था करेगी। इसके साथ समिति का काम लोगों से अधिक से अधिक वैक्सीनेशन के लिए भी प्रेरित करना होगा। समिति में ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को जगह दी जाएगी।

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