लोगों में प्रकृति प्रेम की भावना भरता UP एक अफसर, समझाता है बूंद-बूंद का महत्व

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लखनऊ। आज के भाग-दौड़ भरे जीवन में जब आम आदमी के पास भी समय का अभाव है, ऐसे में उत्तर प्रदेश का अफसर ऐसा भी है जो अपने सरकारी काम और तमाम व्यवस्ता के बावजूद भी गांव-गांव घूम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरुक कर रहा है। यह अफसर अपनी ड्यूटी के बाद पर्यावरण यौद्धाओं की उस टीम के बीच होता है, जो उसने अपने क्षेत्र में अथक प्रयासों के बाद खड़ी की।

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 उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में तैनात मांगेराम चौहान

दरअसल, यहां जिक्र हो रहा है उपजिलाधिकारी मांगेराम चौहान का। मांगेराम चौहान फिलहाल उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में तैनात हैं और मुख्यालय संभाल रहे हैं। यह मांगेराम के प्रकृति प्रेम का ही नतीजा है कि उनके प्रयास से जिले में अब तक हजारों पौधे लगाए जा चुके हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि वह जिस भी तहसील में जाते हैं…पर्यावरण वॉरियर्स की फौज खड़ी कर देते हैं।

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Seven Plus Two Steps Plan का निर्माण

पर्यावरण बचाओ की इस मुहिम में एसडीएम मांगेराम ने जो Seven Plus Two Steps Plan का निर्माण किया, वह आज फलदायी साबित होती दिखाई दे रही है। इस स्टैप के चौे​थे चरण की शुरुआत उन्होंने अमरोहा की नौगांवा सादात तहसील में रहते की। जिसके अंतर्गत गांवों में पर्यावरण और जल संरक्षण को लेकर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इस गोष्ठियों में शामिल होने वाले गांव वालों को पर्यावरण और पौधारोपण का महत्व समझाया गया।

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देश की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में वास करती है

इस दौरान लोगों के बीच जल ही जीवन और जल बचाओं का नारा दिया गया। लोगों को जल बचाने के तरीके समझाए गए। मांगेराम बताते हैं कि आज जिस तरह से जल की बर्बादी हो रही है, उससे तो लगता है कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से जूझना पड़ेगा। अब चूंकि हमारे देश की 70 प्रतिशत आबादी गांवों में वास करती है, इसलिए इसलिए जल संरक्षण की शुरुआत भी यहीं से होनी चाहिए

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जल की बर्बादी की वजह से ग्राउंड वॉटर लेवल लगातार गिरता जा रहा

यूपी लाइव न्यूज के साथ बातचीत कर रहे मांगेराम ने बताया कि कैसे जल की बर्बादी की वजह से ग्राउंड वॉटर लेवल लगातार गिरता जा रहा है। आलम यह है कि उत्तर प्रदेश के कई जिले, कई मंडल और कई ब्लॉक डार्क जोन घोषित हो चुके हैं, जहां अब सरकार ने भी नलकूप और नए सबमर्सिबल लगाने पर रोक लगा दी है। अगर सबकुछ ऐसा ही चलता रहा तो वो दिन दूर नहीं, जब पूरा देश ही एक डार्क जोन बन जाएगा।

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रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों में पानी की बचत

उन्होंने बताया कि अगर हम चाहें तो अपने रोजमर्रा के छोटे-छोटे कामों में पानी की बचत कर जल बचाओ की इस मुहिम में अपना सहयोग दे सकते हैं। ऐसे अगर को पानी को वेस्ट करता दिखाई दे तो उसको समझाया जाए और न मानने पर सौगंध देकर ऐसा करने से रोका जाए।

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