लगातार हो रही बारिश से गंगा में उफान, हजारों किसानों की फसल हुई नष्ट, अलर्ट जारी

जिला प्रशासन ने ज्यादा जल प्रवाह वाले क्षेत्र के ग्रामीणों को स्थान छोड़ने के लिए कहा साथ ही पशुओं को ऊंचाई वाले स्थानों पर ले जाने की अपील की

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Mawana। पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश और बिजनौर बैराज एवं भीमगौडा बैराज से पानी छोडे जाने के चलते आधा दर्जन ग्रामों में गंगा नदी का पानी दो-दो फुट आवासीय क्षेत्रों में घुस गया है। जिससे फसले नष्ट होने के साथ-साथ ग्रामीणों के मकानों को नुकसान पहुच रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने खादर का दौरा करके ग्रामीणों से सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है। साथ कुछ जनप्रतिनिधियों में क्षेत्र का दौरा कर लोगों से ज्यादा पानी के बहाव वाले स्थान छोड़ने की अपील की है।

 

 

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खादर क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर निरतर बढने से गंगा किनारे बसे गांव के लोग बाढ के खतरे की आशंका से भयभीत है। बु़द्धवार को हुई तेज बारिश और बिजनौर बैराज एवं डोईवाला बैराज से भारी मात्रा में पानी छोडने से खादर क्षेत्र के गांव  मखदूमपुर, बधुवा, बधुवी, खेडीकला, मनोहरपुर, फतेहपुर प्रेम, शेरपुर, सिरजेपुर, आदि साहित आधा दर्जन गांवों के घरो में पानी भर गया है। घरों मे पानी भरने से जीवन अस्त व्यस्त हे गया है। गांवो के घरो मे पानी भरने से लोगो को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है । इसके अलावा ग्राम रठौरा कंला, हंसापुर, दबखेडी, सिरजेपुर, हादीपुर, दबखेडी, किशनपुर के जंगलों में पानी भर गया है और और जंगलों में पानी भरने से फसल नष्ट हो गयी है। नदी का पानी खेतो में भरा होने के कारण ग्रामीणों के सामने चारे का संकट गहराता जा रहा है लोग बड़ी मुश्किल से पशुओं का चारा जुटा पा रहे है। जलभराव व सडको पर नदी का पानी भरा होने के कारण आवागमन में भारी दिक्कतें उठानी पड रही हैै। जलभराव के कारण गंगा किनारे बसे गांव मखदूमपुर, बधुवा, बधुवी, खेडीकला, मनोहरपुर, लतीफपुर, दुधली, किशोरपुर आदि के लोगों घरो दमे कैद हो गए हैं।

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अलर्ट जारी

बारिश को देखते हुए मेरठ जिले में गंगा के सटे गांवों में जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। ताकि किसी भी नुकसान व अनहोनी से बचा जा सके। प्रशासन के मुताबिक संवेदनशीन क्षेत्र के लोगों को जहां पानी का बहाव ज्यादा है गांव से दूसरी जगह ऊंचाई वाले क्षेत्र में जाने के लिए कहा गया है। साथ ही पशुओं को भी पहले से ही ऊंचाई वाले स्थानों पर छोड़ने की अपील की गई है। ताकि जान माल के नुकसान से बचा जा सके।

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