असम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट के परिजन बैठे धरने पर, समर्थन में आए समाजवादी

शहीद के नाम पर सड़क और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नोकरी की मांग

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मेरठ। असम में शहीद हुए लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी का परिवार आज कलक्ट्रेट में धरने पर बैठ गया। इस दौरान शहीद आकाश के परिजनों ने सरकार और प्रशासन से उसकी एक प्रतिमा, एक सरकारी नौकरी और शहीद के नाम पर सड़क बनवाने की मांग की। कलक्ट्रेट में धरने पर बैठे शहीद आकाश चौधरी के परिजनों के हाथ में मांग लिखे पोस्टर और आकाश का एक फोटो है थे। धरने पर बैठे शहीद के परिजनों के समर्थन में सपा नेता अतुल प्रधान भी  पहुंचे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

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दरअसल  मेरठ के रहने वाले लेफ्टिनेंट आकाश चौधरी असम के कोकराझाड़ में ऑपरेशन की ट्रेनिंग के दौरान 16 जुलाई 2020 की रात पहाड़ी से गिरकर शहीद हो गए  थे। आकाश के परिजन मेरठ में कंकरखेड़ा के सिल्वर सिटी में रहते हैं। शहीद के पिता केपी सिंह ने बताया कि बेटे की शहादत के बाद से कोई भी उनका और उनके परिजनों का हालचाल पूछने नहीं आया है। उन्होंने बताया कि जिस समय आकाश का शव मेरठ लाया गया। उस दौरान सिखलाई रेजिमेंट के कमान अधिकारी कर्नल प्रताप सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। धरने पर बैठे पिता केपी सिंह, माता कमलेश और दोनों बहनों शिवानी व प्रियंका ने कहा कि उस दिन के बाद से आज तक किसी ने कोई सुध नहीं ली है। आकाश के चले जाने बाद से उनका परिवार बिखर गया है। केपी सिंह ने कहा कि हमारा जवान बेटा देश के लिए शहीद हुआ है। सरकार को और प्रशासन को हमारा ध्यान रखना चाहिए।
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समर्थन में आए समाजवादी

शहीद के परिजनों को धरने पर बैठे होने का पता चलते ही सपा नेता अतुल प्रधान समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंच गए। उन्होने कहा गूंगी-बहरी सरकार और मेरठ के जिला प्रशासन को शहीद के परिवार की सभी मांगे पूरी करनी चाहिेए।बीजेपी फालतू में ही राष्ट्रवाद का ढोंग करती है। जब एक शहीद के परिवार को भी अपनी मांगों के लिए धरना देना पड़े तो किस बात का राष्ट्रवाद।

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