मेरठ। 2022 ​में होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) में उम्मीदवारों को ढूंढ़ने की कवायद पार्टी हाईकमान (SP High Command) ने शुरू कर दी है। 26 जनवरी तक संभावित उम्मीदवारों (Party Candidates) से आवेदन मांगे जाने के बाद बड़े और युवा सपा नेताओं में खलबली मची हुई है। सभी अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। आवेदन के बाद हाईकमान ​मिशन 2022 को लेकर उम्मीदवारों को निर्णय लेगा।

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हालांकि 2022 विधान सभा चुनाव से पहले प्रदेश में पंचायत चुनाव भी होने हैं। यह ​सेमीफाइनल माना जा रहा है और इसी को देखते हुए सपा हाईकमान 2022 की तैयारी भी कर रहा है। पिछले विधानसभा चुनाव में मेरठ जनपद की सात सीटों में से शहर सीट पर ही ​सपा को जीत हासिल हुई थी। मेरठ दक्षिण और मेरठ कैंट सीट गठबंधन में कांग्रेस के पास थी, जबकि अन्य चार सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा था। शहर विधायक रफीक अंसारी की दावेदारी अगले चुनाव में भी मजबूत मानी जा रही है। इस बार सपा का रालोद से गठबंधन है।

हस्तिनापुर सीट से दो बार जीत चुके प्रभुदयाल वाल्मीकि, तीन बार किठौर से जीते पूर्व कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर, सिवालखास से विधायक रह चुके गुलाम मोहम्मद और अखिलेश यादव के करीबी सरधना से अतुल प्रधान अपनी दावेदारी की ता ठोकेंगे तो नए चेहरों में रिहानउद्दीन, गौरव प्रधान, प्रशांत गौतम, विपिन मनोठिया, निजाम चेयरमैन, मुनकाद अली, आदिल चौधरी, परविंदर ईशु, संजीव गुप्ता, महेश चावला, प्रदीप गुर्जर और संजय यादव भी दावेदार माने जा रहे हैं।
जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि जो संभावित उम्मीदवार आवेदन करेगा उसे जिलाध्यक्ष से नो ड्यूज प्रमाणपत्र लेना होगा। अभी तक उनके पास कोई आवेदन नहीं आया है।

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