निजीकरण के विरोध में PVVNL कर्मचारियों ने निकाला मशाल जुलूस, CM Yogi को दी ये चेतावनी

बिजली वितरण के निजीकरण का मुद्दा फिर गरमा रहा है और विभागीय अफसर और कर्मचारी योगी सरकार के इस प्रस्ताव का जमकर विरोध भी कर रहे हैं। पीवीवीएनएल कर्मियों ने मशाल जुलूस निकालकर इसका विरोध जताया है और इस प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की है।

0
185

मेरठ। पूर्वांचल विद्युत वितरण ​निगम को ​तीन ​टुकड़ों में विभाजित करके पूरी विद्युत वितरण ​व्यवस्था का निजीकरण करने के ​योगी सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ ​विद्युत कर्मचारी संयुक्त ​संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के आह्वान पर विभिन्न ​पदाधिकारियों व सदस्यों ने सोमवार की शाम को मशाल जुलूस निकाला और सरकार के प्रस्ताव का विरोध किया। संघर्ष समिति के सदस्यों ने मुख्य अभियंता वितरण के कार्यालय से मशाल जुलूस शुरू किया और विद्युत कार्यशाला से होते हुए प्रबंध निदेशक कार्यालय पर जाकर सम्पन्न हुआ। इसमें जनपद के संयोजक अभियंता रोहित कुमार, सहसंयोजक आरए कुशवाहा, दीपचंद चौहान, दिलमणि थपलियाल, नरेश चंद्र शर्मा, अभियंता उग्रसेन यादव, विकास वर्मा, आशुतोष शर्मा, जयवीर सिंह, अजीत सिंह, विमल ​अग्रवाल, अशोक त्यागी समेत अनेक लोग उपस्थित थे।

यह भी पढ़ें: Meerut में शराब माफिया रमेश प्रधान की 1.40 करोड़ की संपत्ति कुर्क, West UP के कुख्यातों में मचा हड़कंप

मशाल जुलूस निकालने के बाद एमएलसी सरोजिनी अग्रवाल को प्रदर्शनकारियों ने ​मांग पत्र सौंपते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ से बात करके निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। ​विद्युत​कर्मियोें का कहना है कि निजीकरण किसी भी तरह से जनहित में नहीं है। इसलिए इस प्रस्ताव को तुरंत वापस लिया जाए। कोविड 19 के संक्रमण के दौरान निर्बाध बिजली देने वाले कर्मचारियों पर भरोसा रखकर सरकार सुधार के कार्यक्रम चलाए और निजीकरण के प्रस्ताव को निरस्त करे। आक्रोशित विद्युत कर्मचारियों ने संघर्ष समिति के संयोजक अभियंता शैलेश दुबे, अभियंता जयप्रकाश, अभियंता जीवी पटेल को गिरफ्तार किए जाने पर हड़ताल का आह्वान किया है।

यह भी पढ़ें: Hathras में सामूहिक दुष्कर्म की शिकार युवती की मौत, इलाज के 15 दिन बाद अस्पताल में जिन्दगी से हारी जंग, लोगों में गुस्सा

Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here