इन बच्चों ने दिखाई ऐसी ईमानदारी कि सब हो गए मुरीद, सीख लीजिए इनसे ये सबक

आज के माहौल में ईमानदारी वह शब्द है, जो बहुत कम लोगों में साबित हो रहा है। मेरठ के 10वीं के दो छात्रों ने ईमानदारी ​दिखाकर वह ​मिसाल पेश की है, जिसकी देश को सबसे ज्यादा जरूरत है।

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मेरठ। जब हर ओर लूट-खसोट का माहौल है। हर कोई एक-दूसरे की जेब काटने में लगा हुआ है। ऐसे में मेरठ के दो बच्चों ने वह कर दिखाया, जिसकी हर तरफ तारीफ हो रही है और लोग कह रहे हैं कि बच्चे हों तो ऐसे ​संस्कार वाले। लोग हैरत में तो हैं ही, इन्हें शाबासी भी दे रहे हैं। दरअसल, हाईस्कूल के दो छात्रों को एक डिब्बे में सड़क पर पड़े 72 हजार रुपये मिले थे। इन दोनों ने आसपास इस रुपये के डिब्बे के बारे में पूछा और जब सबने इनकार कर दिया तो ये सीधे पुलिस के पास पहुंचे और वहां रुपयों का ये डिब्बा वहां जमा करा दिया, ताकि जिसकी ये रकम हो तो वहां तक पहुंच सके। पुलिस ने भी इन बच्चों की तारीफ की।

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कंकरखेड़ा के लखवाया गांव के अभिषेक चपराना पुत्र दर्शन और अभिषेक चपराना पुत्र सतपाल सिंह 10वीं कक्षा के छात्र हैं। अभिषेक ने बताया कि वह अपने चचेरे भाई अभिषेक चपराना के साथ सुबह सैर पर गए थे। रोहटा रोड के ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल के सामने उन्हें सड़क पर एक डिब्बा पड़ा मिला। खोलकर देखा तो इसमें सौ-सौ के नोट की पांच गड्डी के अलावा बीस, दस, 50 व 200 रुपये के नोट रखे थे। गड्डी पर एक पर्ची लगी थी, जिस पर हिमांशु और 72 हजार रुपये लिखा था। बच्चे नोटों का डिब्बा लेकर शोभापुर चौकी पहुंचे और सोते सिपाही को जगाकर डिब्बा उन्हें सौंप दिया।

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सिपाही ने डिब्बा चौकी इंचार्ज सरजेश कुमार को दिया और कंकरखेड़ा थाने पहुंचवा दिया गया। बच्चों के चाचा भाजपा नेता तरुण चपराना व परिवार वालों का कहना है कि हर बच्चे में ऐसे ही संस्कार होने चाहिए। इंस्पेक्टर बीपी सिंह राणा ने बताया कि नोटों का डिब्बा सिपाही ने उन्हें सौंपा है। नोट किसके हैं, इसकी जानकारी कराई जाएगी। दोनों बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। इसी बीच, कुछ लोगों ने इस डिब्बे में रखे नोटों की फोटो सोशल ​मीडिया पर शेयर की है, ताकि जिसका ये नोटों का डिब्बा हो, उस तक यह जानकारी पहुंच सके और अपनी रकम वापस ले सके।

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