Meerut Nagar Nigam में झूला घोटाले का पर्दाफाश, 3 अभियंता पाए गए दोषी

महानगर में मेरठ नगर निगम की ओर से पार्कों में लगने वाले झूलों की खरीद में बड़ा घोटाला पाया गया है

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मेरठ। महानगर में मेरठ नगर निगम की ओर से पार्कों में लगने वाले झूलों की खरीद में बड़ा घोटाला पाया गया है। नगर निगम के तीन अधिकारियों पर इस घोटाले की गाज गिरी है। शासन ने इस घोटाले में ​दोषी पाए गए अधिशासी अभियंता नीना सिंह, सहायक अभियंता राजपाल सिंह यादव और अवर अभियंता राजेंद्र सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की है। इसके साथ ही संबंधित झूलों की खरीद की रकम के भुगतान से भी इनकार कर दिया है।

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231 झूलों की खरीद में लाखों रुपए का गबन

आपको बता दें कि तकरीबन डेढ़ साल पहले मेरठ शहर के विभिन्न पार्कों में लगाए गए 231 झूलों की खरीद में लाखों रुपए का गबन पाया गया है। दरअसल, निगम की ओर से मार्केट के रेट से दोगुनी दर पर झूले खरीदे गए। जांच में झूलों के वजन को लेकर भी बड़े खेल का खुलासा हुआ है। पूरे मामले का खुलासा होने के बाद शासन ने 121 झूलों के एक करोड़ से अधिक की राशि के भुगतान से इनकार कर दिया गया है।

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पूर्व पार्षद ने की ​शिकायत की थी

दरअसल, नगर निगम के पूर्व पार्षद यासीन पहलवान ने झूला खरीद में लाखों के घोटाले की ​शिकायत की थी। पार्षद ने राज्यसभा सांसद विजयपाल सिंह तोमर ने इस मामले में निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की थी। जिसके बाद इस मामले की मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री ने हाई लेवल की जांच कराई थी। इसके लिए कमिश्नर के लेवल से इस मामले की नगर आयुक्त के स्तर पर जांच कराई गई। इस जांच में नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त ब्रजपाल सिंह की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया था। जांच में पाया गया कि झूला खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई। इस पूरे घोटाले का खुलासा होने के बाद माना जा रहा है कि दोषी मिले नगर निगम अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही इस घोटाले में संलिप्त ठेकेदारों पर भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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जन्म प्रमाण पत्र जारी करने में भी धांधली

आपको बता दें नगर निगम में डेथ और बर्थ सर्टिफिकेट जारी करने में भी भारी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, जिसकी शिकायत जिलाधिकारी मेरठ से लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और मुख्य सचिव तक हो चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि शासन से इस मामले में भी जांच और फिर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसके साथ नवनियुक्त नगर आयुक्त मनीष बंसल भी इस मामले की फाइल खुलवा सकते हैं।

नगर निगम में झूले की खरीद मामले में शासन स्तर से जांच की कार्रवाई हुई है। इसके साथ विजिलेंस भी इस केस की जांच कर रही है। 3 अभियंताओं को दोषी पाया गया है। शासन को कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है

– डॉ.अरविन्द कुमार चौरसिया, नगर आयुक्त

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