मेरठ। मेरठ नगर निगम में सफाई कर्मचारियों को फर्जी तरीके से सफाई नायक बनाने की मामला सामने आया है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस प्रकरण की शिकायत की गई है। पंकज चिण्डालिया नाम के सोशल वर्कर ने मुख्यमंत्री कार्यालय से इस मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में कहा गया है कि नगर निगम में लगभग 800 सफाई कर्मचारी तैनात हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी इन कर्मचारियों में से चहेते कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र देकर फर्जी तरीके से सहायक सफाई नायक बना रहे हैं। ऐसा तो तब है जब शासन और उच्च न्यायालय इस मामले में नगर निगम को फटकार लगा चुका है।

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कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर भेजने की मांग

शिकायत में बताया कि इस तरह से सफाई कर्मचारी गलत तरीके से सहायक सफाई नायक बन अपने मूल काम से बचते रहते हैं। इसके साथ ही कुछ सफाई कर्मचारियों भी सहायक सफाई नायक बन अन्य कर्मचारियों से रोब गालिब करते हैं। शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से फर्जी तरीके से सहायक सफाई नायक बनाए गए कर्मचारियों को उनके मूल पदों पर भेजने की मांग की है। इसके साथ ही इन कर्मचारियों को नाला गैंग में शामिल कर शहर के नालों की सफाई में लगाने का आग्रह किया गया है।

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क्या कहते हैं अधिकारी—

नगर निगम के नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गजेंद्र सिंह ने कहा कि ऐसा कोई नियम या कोई आदेश नहीं है, जिसके तहत सफाई कर्मचारियों को कार्यवाहक सफाई नायक बनाया जाता हो। नगर निगम में यह कार्यवाहक सफाई नायक बिना किसी आधार के ही रखे जाते रहे हैं। मेरठ नगर में यह व्यवस्था पुरानी, उसी को आगे बढ़ाया जा रहा है।

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