Air Pollution से बिगड़ी Meerut की हवा, देश का तीसरा ​सबसे प्रदूषित शहर, अभी और बिगड़ेंगे हालात

मेरठ जनपद देश का तीसरा प्रदूषित हो गया है, जबकि दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी में पहला। पराली और कूड़ा जलाने के साथ-साथ स्मॉग की स्थिति से मेरठ की हवा जहरीली हो गई है। एक्यूआई का स्तर 289 से बढ़कर 384 तक पहुंच गया है।

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मेरठ। Meerut News, लगातार जलाए जा रहे कूड़े से जहां हवा और जहरीली (Air Poision) होती जा रही है वहीं स्मॉग की चादर (Smog Layer) और मोटी हो रही है। शनिवार को मेरठ (Meerut) देश में तीसरा और दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर (Polluted City) दर्ज किया गया। आने वाले दिनों में दिन का तापमान कम होने पर वायु प्रदूषण (Air Pollution) का और बढ़ना तय माना जा रहा है।

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मेरठ का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शुक्रवार के 299 के मुकाबले बढ़कर 384 पर पहुंच गया। यह गाजियाबाद (362) बागपत-मुजफ्फरनगर (365) दिल्ली (367) ग्रेटर नोएडा (373) और नोएडा (354) से ज्यादा रहा। मेरठ से ज्यादा एक्यूआई हरियाणा के जींद में 400 और धारुहेड़ा में 389 रहा। मेरठ महानगर में गंगानगर, जयभीमनगर और पल्लवपुरम क्षेत्र का एक्यूआई क्रमश: 372, 356 और 380 रिकॉर्ड किया गया।

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अक्तूबर के पहले सप्ताह से ही दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक्यूआई लगातार बिगड़ता जा रहा है। 15 अक्तूबर से ग्रैप लागू होने के बाद भी विभागीय तालमेल नहीं होने और उदासीन रवैये के कारण एक्यूआई सुधर नहीं रहा है। 23 अक्तूबर के बाद से एक्यूआई का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है।

इस दौरान यह 260 से 363 के बीच रहा है। यह स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। इससे सुबह व शाम के समय स्मॉग बढ़ रहा है, जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन की शिकायत हो रही है। लोगों को सुबह के समय पटाखे जलाए जाने जैसी गंध महसूस होती है लेकिन वे बेबस हैं, क्योंकि प्रदूषण नियंत्रण विभाग औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाले धुएं पर रोक लगाने के लिए कारगर कार्रवाई नहीं कर रहा है।

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