MEERUT के तेल के ‘खेल’ में लाइसेंस निरस्त, शासन तक ​पहुंची थी माफिया की बड़ी गड़बड़ियां

मेरठ में पिछले साल तेल को लेकर मैसर्स रति राम खूब चंद ने जो खेल किया था, अब शासन ने उसका लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस घपलेबाजी को बचाने की काफी कोशिशें भी की गई थी, लेकिन यह बड़े स्तर पर तेल में घपला था, इसलिए तेल माफिया की एक नहीं सुनी गई।

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मेरठ। पिछले साल सितंबर में केरोसिन तेल के थोक लाइसेंसी मैसर्स रतिराम खूबचंद के कुंडा स्थित गोदाम पर छापेमारी के दौरान टैंकर और भूमिगत टैंक में 71,888 लीटर तेल स्टॉक रजिस्टर से ज्यादा मिला था। इसे भूमिगत टैंक में अवैध रूप से बदलाव करके भंडारित करके रखा गया था। एफआइआर दर्ज करने के बाद गोदाम मालिक संजय कुमार से जवाब मांगा गया था। मालिक ने आरोपों को नकार दिया था। डीएसओ नीरज सिंह ने जांच पूरी कर ली है। डीएम को सौंपी जांच रिपोर्ट में उन्होंने माना कि अवैध रूप से पेट्रोलियम पदार्थ की खरीद और बिक्री के कोई भी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। उप्र केरोसिन कंट्रोल आर्डर 1962 का उल्लंघन मानते हुए जिलाधिकारी ने लाइसेंस निरस्त की संस्तुति की। अब मिट्टी के तेल के थोक लाइसेंसधारक रतिराम खूबचंद और थिनर वितरण के लाइसेंसी डीपी पेट्रोकेम के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।

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पिछले साल 13 सितंबर को जगन्नाथपुरी टीपी नगर स्थित डीपी पेट्रोकेम के गोदाम पर छापा मारा गया था। मौके पर एक टैंकर और छह भूमिगत टैंक थे। इनमें से टैंकर और पांच भूमिगत टैंक में पेट्रोलियम पदार्थ भरा मिला। अपमिश्रित 45,782 लीटर पेट्रोलियम पदार्थ में मिट्टी के तेल की गंध आ रही थी। स्टॉक रजिस्टर और इसकी खरीद व बिक्री के दस्तावेज मौके पर नहीं दिखाये गए। टैंकर और गोदाम को सील करके मालिक के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराई गई थी। फर्म के प्रोपराइटर प्रदीप कुमार और विशाल जैन ने जवाब में किसी भी धांधली से इनकार किया। डीएसओ ने उनके जवाब का परीक्षण करके अपनी जांच रिपोर्ट में इसे लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मानते हुए लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति की थी। इन दोनों मामलों में थाना पुलिस जांच कर रही है। मैसर्स रतिराम खूबचंद के गोदाम में जब्त भूमिगत टैंक को पुलिस के जांच अधिकारी द्वारा भूमि के बाहर निकाला जाना था, लेकिन यह कार्रवाई आज तक नहीं की जा सकी है।

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