मेरठ। गुरुवार को चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ की कार्य परिषद की बैठक हुई। वीसी प्रो. एनके तनेजा की अध्यक्षता में हुई इस आनलाइन बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। इनमें दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने के साथ-साथ रसायन विभाग में तीन शिक्षकों के पद सृजित, बीपीएड, एमपीएड पाठयक्रमों में प्रवेश दक्षता परीक्षा में कनेडियन टेस्ट के स्थान पर अब आफर यूथ फिटनेस टेस्ट कराने समेत कई फैसले हुए।

यह भी पढ़ें: Baghpat में खेल के विवाद में पहलवान की हत्या, साथी गंभीर घायल, हमलावर अभी भी फरार

विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ​की बैठक में कालेजों में नए पाठ्यक्रम की संबद्धता के लिए निरीक्षण मंडल की बजाय औपबधिक रूप से संबद्धता प्रदान करने का निर्णय लिया गया था, उसे निरस्त कर दिया गया है। स्ववित्त पोषित योजना के अंतर्गत संचालित विभागों में कार्यरत गैर शैक्षणिक कर्मचारियों में एकरूपता प्रदान करते हुए जिनका वेतन अस्सिटेंट प्रोफेसर के बराबर या फिर उससे अधिक होगा उनका सेवा विस्तार पांच साल के लिए किया जाएगा। साथ ही जिनका वेतन इनसे कम होगा उनका सेवा विस्तारण तीन साल के लिए किये जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में रसायन विभाग में दो अस्सिटेंट प्रोफेसर तथा एक एसोसिएट प्रोफेसर के पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। नई शिक्षा नीति के अनुसार एमफिल का कोर्स बंद हो जाने के बाद ऐसे विभागों के शिक्षक स्ववित्त पोषित कोर्स में अपना योगदान देंगे।

यह भी पढ़ें: CCSU Meerut: UG और PG में प्रवेश के लिए नहीं भर पायी सीटें, 5 अक्टूबर को आएगी पहली मेरिट लिस्ट

बैठक में दो कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। तृतीय श्रेणी कर्मचारी प्रदीप सिरोही और विधि अध्ययन संस्थान में संविदा पर पुस्तकालय सहायक के पद पर कार्यरत रश्मि शर्मा की सेवाएं समाप्त करने का निर्णय लिया गया। बीपीएड, एमपीएड पाठयक्रमों में प्रवेश दक्षता परीक्षा में कनेडियन टेस्ट के स्थान पर अब आफर यूथ फिटनेस टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया है, यह इसी सत्र से लागू होगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी समायोजित होकर पदोन्नत होने वाले कर्मचारी पूर्व में पदोन्नत हुए कर्मचारियों से वरिष्ठ नहीं हो सकेंगे। पूर्व में समायोजित तृतीय श्रेणी कर्मचारियों का समायोजन की तिथि से ही ज्येष्ठता क्रम निर्धारित माना जाएगा। बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध संस्थानों में पाठयक्रम लिए 17 संस्थानों को नवीन संबद्धता प्रदान की गई है।

यह भी पढ़ें: Mayawati के करीबी रहे ​इस बसपा नेता के पुत्र ने थामा BJP का दामन, West UP में ब्राह्मणों को सहेजने की कवायद

साथ ही बैठक में उन छात्र-छात्राओं को प्रोन्नत करने का निर्णय लिया गया है, जिन्होंने प्रथम वर्ष में बैक पेपर या फिर एक्स स्टूडेंट का परीक्षा फार्म भर रखा है। बाद में उनकी बैक पेपर का परीक्षाफल घोषित होने उपरांत ही प्रोन्नति मान्य होगी। बैठक में प्रो. हरेंद्र सिंह बालियान के खिलाफ सेवानिवृत न्यायमूर्ति एससी कुलश्रेष्ठ व वित अधिकारी की समिति का गठन किया गया। बैठक में प्रति कुलपति प्रो. वाई विमला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, वित नियंत्रक सुशील कुमार, परीक्षा नियंत्रक प्रो. रूप नारायण, डा. दर्शन लाल अरोड़ा, डा. अरुण कुमार, डा. हरेश प्रताप, प्रो. एसएस गौरव, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, प्रो. सुधीर कुमार, डा. ईश्वर सिंह, प्रो. आलोक कुमार, प्रो. एवी कौर, डा. अलपना अग्रवाल, डा. दिव्यनाथ, डा. सीमा शर्मा, डा. मोनिका सिंह, इंजीनियर विकास त्यागी, कमेटी सेल प्रभारी अचरज मांगलिक, विवेक सिद्धू, प्रेस प्रवक्ता मितेंद्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here