विश्वविद्यालय में प्रवेश पर कोरोना का दंश, सप्ताह बाकी, अभी आधे ही हुए रजिस्ट्रेशन

कोरोना का असर चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय की स्नातक और परास्नातक प्रवेश प्रक्रिया पर पड़ रहा है। अभी तक करीब दो लाख सीटों पर आधे ही रजिस्ट्रेशन हुए हैं।

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मेरठ। कोरोना वायरस ने पहले सीसीएसयू मेरठ की मुख्य परीक्षाओं पर असर डाला और अब छह ​महीने बाद जब आयोजित हो रही हैं तो विश्वविद्यालय की यूजी और पीजी कक्षाओं में प्रवेश पर इसका दंश साफ दिखायी दे रहा है। यूजी और पीजी कक्षाओं की करीब दो लाख सीटों पर अभी तक सिर्फ आधे ही रजिस्ट्रेशन हुए हैं, जबकि रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख 15 सितंबर है। यूजी और पीजी कक्षाओं को लेकर आनलाइन रजिस्ट्रेशन चल रहे हैं। अभी तक सिर्फ एक लाख दस हजार छात्र-छात्राओं ने ही शुल्क जमा कराया है।

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सीसीएसयू मेरठ के अंतर्गत कालेजों में यूजी में करीब डेढ़ लाख सीट है। पीजी में 50 हजार से अधिक सीट हैं। पिछले साल यूजी और पीजी में मिलाकर एक लाख 60 हजार अभ्यर्थियों ने प्रवेश लिया था। इस बार सीट के सापेक्ष पंजीयन कम है। कॉलेज और विवि की ओर से पंजीयन को लेकर जो प्रयास किए जा रहे हैं, कोरोना के कारण छात्रों तक ये प्रयास नहीं पहुंच पा रहे हैं। विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए 14 जून से ​रजिस्ट्रेशन शुरू किए गए थे, लेकिन छात्र-छात्राओं को इसकी ​जानकारी ही नहीं हो पायी, यही ​वजह है कि इस बार कम रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं।

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15 सितंबर तक रजिसट्रेशन के बाद मेरिट जारी की जाएगी। परास्नातक और विधि कोर्स में पंजीयन की आखिरी तिथि तय नहीं है। विवि की प्रतिकुलपति प्रो. वाई. विमला का कहना है कि सितंबर में यूजी में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में कम पंजीयन होने से कई कॉलेजों खासकर सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के सामने प्रवेश को लेकर चुनौती रहेगी।

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