CM Yogi मेरठ में Corona से हो रही मौतों पर बिफरे अफसरों पर, कहा- नहीं सुधरे तो कार्रवाई को रहें तैयार

कोरोना संक्रमण को लेकर मेरठ जनपद में स्थिति खराब है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर चिंता जताई है और ​अफसरों पर गुस्सा भी जताया है। उन्होंने कमिश्नर, डीएम, सीएमओ समेत कई अफसरों पर संक्रमण पर ब्रेक नहीं लगाए जाने पर चेतावनी दी है।

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मेरठ। कोरोना को लेकर वेस्ट यूपी में खौफनाक ​तस्वीर है। खासतौर पर मेरठ जनपद में जिस तरह लगातार कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने से शासन भी चिंति​त है। मौतों का आंकड़ा ​108 तक पहुंच गया है, जबकि कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 7735 तक हो गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ मेरठ जनपद की स्थिति को लेकर हमेशा चौकस रहे हैं। इसके बावजूद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के ​अफसर संक्रमण पर ब्रेक नहीं लगा पा रहे हैं। रोजाना जनपद के अलग—अलग इलाकों में कोरोना चेन मिल रही है। इसी मामले में सीएम डीएम अनिल ढींगरा को हटा चुके हैं और के. बालाजी को जनपद की बागडोर दी है। इसके बावजूद कोरोना संक्रमण खतरनाक स्थिति में है। कोरोना के मरीजों में वृद्धि और मेडिकल कॉलेज में बढ़ते मौत के आंकड़े पर सीएम योगी ने ने अफसरों को कड़ी फटकार लगाई है। मंगलवार को ऑनलाइन बैठक में उन्होंने कहा कि लापरवाही पर अफसर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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वेस्ट यूपी में मेरठ के अलावा बुलंदशहर, हापुड़, बिजनौर, शामली, सहारनपुर, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, बागपत समेत आसपास के जिलों के कुल 271 कोविड मरीजों की मेडिकल कॉलेज में मौत हो चुकी हैं। सीएम ने कमिश्नर अनिता सी. मेश्राम से पूछा कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन ने क्या-क्या काम किए। मेडिकल कॉलेज की क्या व्यवस्था है। इस पर अफसर चुप्पी साधे रहे। सीएम ने डीएम, सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को भी फटकार लगाई।
सीएम योगी ने अफसरों को चेतावनी दी है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य खुद व्यवस्था देखें। मरीजों का किसी भी हाल में अच्छा इलाज मिले।दूसरी बीमारियों से ग्रसित जो भी मरीज मेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल में हैं, उनके इलाज में भी लापरवाही नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लापरवाही दिखाने वाले अफसर नहीं सुधरे तो कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

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मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य और सीएमएस को कड़े निर्देश दिए हैं। कहा कि हर हाल में कोरोना संक्रमण के जो भी मरीज आइसोलेट हैं, उनका बेहतर इलाज किया जाए। मरीजों के साथ दुर्व्यवहार न हो। मौत की संख्या में कमी लाई जाए। कोरोना संक्रमण फैलने पर नियंत्रण किया जाए। बैठक में मंडलायुक्त अनीता मेश्राम, डीएम के. बालाजी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ ज्ञानेंद्र, सीएमओ डॉ. राजकुमार, जिला सर्विलांस अधिकारी व अन्य जिलों के अधिकारी भी शामिल रहे।

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