मेरठ। मेरठ (Meerut News) के बाड़म गांव (Badam Village) में ऐसा वाकया हुआ, जो चर्चा का ​विषय बना हुआ है। यह चर्चा सिर्फ गांव तक ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों में बनी हुई है। अभी तक हमने गाय (Cow) और सांड (Bull) की मौत के बाद उनकी तेहरवीं (Teharvi) और हवन-ब्रह्मभोज (Hawan-Brahambhoj) की घटनाएं तो सुनी थी, लेकिन आदमी के डॉग प्रेम (Dog Love) का मामला पहली बार सामने आया है। मेरठ के बाड़म गांव में एक कुत्ते की मौत हो गई ​तो एक शख्स ने बैंडबाजे के साथ उसकी न सिर्फ शव यात्रा (Funeral Procession) निकाली, बल्कि तेरहवीं (Dog Teharvi) पर श्राद्ध कर्म और भोज (Bhoj) का भी आयोजन किया। जिसमें तमाम ग्रामीणों को बुलाया गया। इसके बाद इसने कुत्ते की तस्वीर (Dog Picture) अपने घर में भी लगवाई है।

​मेरठ के बाड़म गांंव मेें एक व्‍यक्ति ने ऐसा मिसाल कायम की है, जो मानव और जानवर के प्रेम को दर्शाता है। हर तरफ इस बात की चर्चा हो रही है। इस व्‍यक्ति ने एक लावारिस कुत्‍ते के मरने पर उसका अंतिम संस्‍कार पूरे धूमधाम से किया। बैंड बाजे के साथ श्‍मशान में ले गया। यह सिलसिला बस यहीं तक नहीं रुका बल्कि उस व्‍यक्ति ने कुत्‍ते की तेरहवीं की। इसमें कई लोगों को भोज भी कराया।

मुरादनगर में मनी थी तेरहवीं
इससे दो साल पहले मुरानगर के गांव कांकड़ा में एक गाय की मौत के बाद गाय स्वामी ने हिन्दू रीति—रिवाज के साथ गाय का अंतिम संस्कार कराया था और कार्ड छपवाकर गाय की तेरहवीं की थी। इसमें ​भाजपा विधायक समेत गांव और आसपास के ग्रामीण शामिल हुए थे। गाय की यह तेरहवीं चर्चा काफी दिनों का चर्चा का विषय बनी रही।
मुजफ्फरनगर में भी हुआ यह
2018 में मुजफ्फरनगर के कस्बा बुढ़ाना में एक सांड की मौत हो जाने के बाद कस्बे के लोगों ने सांड की शव यात्रा निकाली और तेरहवीं पर हवन और ब्रह्मभोज का आयोजन किया था। इसमें काफी संख्या में ग्रामीणों के साथ राजनेता भी शामिल हुए थे।

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