सार्वजनिक जीवन में करप्शन फ्री व्यवहार करें हम : प्रो. एनके तनेजा

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महात्मा गांधी का विचार था करेप्शन फ्री इंडिया सिम्पल लिविंग एंड हाई थिंकिंग हमारे जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है मेरठ। सार्वजनिक जीवन में हम करेप्शन फ्री व्यवहार करें क्योंकि महात्मा गांधी का विचार था करेप्शन फ्री इंडिया। सिम्पल लिविंग एंड हाई थिंकिंग हमारे जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित करता है। 2014 में देश मे जो राजनीतिक परिवर्तन हुआ इसका सबसे बड़ा आधार यही था। हमारे जीवन को सबसे ज्यादा प्रभावित हमारा विचार ही करता है, इसीलिए हमारा चिंतन उच्च होना चाहिए। हमारे कार्य में स्वच्छ्ता, हमारे व्यवहार में स्वच्छता होनी चाहिए।

यह बात चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के सांस्कृतिक साहित्यिक परिषद द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान माननीय कुलपति प्रो0 नरेंद्र कुमार तनेजा जी ने कही। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के बारे में यह कहना कि वह केवल देश के नेता थे यह कहना उनके व्यक्तित्व को कम आंकना होगा वह भारत के सबसे महान नेता थे। केवल भारत के ही नही बल्कि सम्पूर्ण विश्व को भारतीय संस्कृति में अपने अटूट विश्वास के आधार पर जो ज्ञान उन्होंने दिया उसका प्रमाण यह है कि सयुंक्त राष्ट्र संघ उनके जन्मदिन को इंटरनेशनल दे ऑफ नॉन वायलेंस के रूप में पूरे विश्व मे मनाए जाने का आह्वान करता है। उनका सम्पूर्ण विश्व व्यवस्था पर उनके दर्शन का उनके ज्ञान का कितना प्रभाव था इसका सबसे बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है, विश्व के श्रेष्ठ देशों के विद्यालयों में उनके जननायकों के नाम पर उतने अध्ययन केंद्र नहीं हैं जितने सेंटर फॉर गांधी स्टडीज हैं।

उन्होंने कहा कि अन्य राष्ट्रों में भी जननायक हुए लेकिन जितना शोध महात्मा गांधी के कार्यों पर हुआ उतना किसी पर नहीं हुआ। हमारे जीवन को सरल करने वाला , सामाजिक जीवन को प्रभावित करने वाला कोई न कोई क्षेत्र होगा, जिन पर महात्मा गांधी के विश्वास के आधार पर अपने मौलिक विचार न प्रस्तुत किये हों। कहा कि जिस समय पूरा राष्ट्र महात्मा गांधी की जन्मदिवस की 150 वीं जयंती मना रहा था उसी वर्ष भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भव्य राम मंदिर के पक्ष में अपना निर्णय दिया। वो राम मंदिर किसी धर्म का नहीं है, वो भारतीय संस्कृति का है और भगवान राम महात्मा गांधी को कितने प्रिय थे यह हम सबको पता है जिस समय उनकी हत्या हुई तो उनके मुंह से हे राम शब्द ही निकला था।

No description available.इससे पहले विश्विद्यालय के स्वागत कक्ष में माननीय कुलपति जी महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी के चित्र पर पुष्पार्चन कर उनको याद किया तथा उसके बाद कलाकारों द्वारा रामधुन का गायन किया गया। साहित्यिक सांसकृतिक परिषद की अध्यक्ष प्रति कुलपति प्रो0 वाई विमला ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो0 विघ्नेश त्यागी, छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो0 भूपेंद्र सिंह, कुलानुशासक प्रो0 बीरपाल सिंह, प्रो0 रूप नारायण, डॉ0 राजीव सिजेरिया, वित्त अधिकारी सुशील गुप्ता,डॉ0 नरेंद्र पांडे, डॉ0 अश्वनी शर्मा, प्रेस प्रवक्ता मितेन्द्र कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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