मेरठः आखिर टूट ही गया व्यापारियों के सब्र का बांध, प्रशासन के खिलाफ किया प्रर्दशन

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मेरठ। वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान लगे लॉकडाउन के बाद पिछले पांच महीनों से बंद पैंठ बाजार खोलने की मांग को लेकर व्यापारियों ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के बैनर तले दर्जनों पैंठ व्यापारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। व्यापारी नेताओं ने प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में पैंठ बाजार जल्द ना खोलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।

संगठन के संस्थापक पंडित आशु शर्मा के साथ सोमवार को दर्जनों पैंठ व्यापारियों ने सोशल डिस्टेसिंग का पालन करते हुए जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रशासन के नाम सौंपे ज्ञापन में पंडित आशु शर्मा ने आरोप लगाया कि जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने अनलॉक 3 के दौरान जिले के सभी बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी है। वहीं, पिछले पांच महीनों से बंद शहर की पैंठ बाजारों के व्यापारियों के साथ प्रशासन सौतेला व्यवहार कर रहा है। आलम यह है कि बाजार बंद होने के चलते अब वहां कारोबार करने वाले व्यापारियों को रोटी के लाले पड़ गए हैं। आशु शर्मा ने प्रशासनिक अधिकारियों से सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पैंठ बाजार को भी खोले जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस संबंध में ठोस फैसला नहीं लिया तो पैंठ बाजार के व्यापारी बड़ा आंदोलन करेंगे।

आर्थिक तंगी से जूझ रहे व्यापारी

पैंठ बाजार से जुड़े व्यापारियों का कहना है कि उनकी आर्थिक हालात बहुत खराब हो चुके हैं। कुछ के घर में चुल्हा तक जलने में संकट आ रहा है। यदि ऐसे ही पैंठ बाजार बंद पड़ा रहा तो व्यापारियों को खाने तक के लाले पड़ने वाले हैं। जब पूरा शहर अब खोल दिया ही गया है तो पैंठ बाजार को खोलने के लिए भी प्रशासन को व्यवस्था बनानी पड़ेगी। नियमों का पालन करते हुए पैंठ बाजार भी खोले जाएं। व्यापारियों ने चेतावनी देते हुए कहा यदी उनकी बात पर प्रशासनिक अधिकारी गौर नहीं करने वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। इसकी जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।

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