कैंट इलाके रजबन में मकान गिरने से एक महिला की मौत पांच घायल

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मेरठ। सदर बाजार क्षेत्र के रजबन इलाके में एक मकान जर्जर हालत में भरभराकर नीचे गिर गया। हादसे में पूरा परिवार मलबे के नीचे दब गया। जिसमें एक महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई। जबकि चार बच्चे भी घायल हो गए। मौके पर थाना पुलिस और कैंट बोर्ड के अधिकारी पहुंचे और हादसे की जानकारी ली।
सदर थाना क्षेत्र रजबन में बाल्मीकि चौराहा है। रजबन निवासी हारुन सदर क्षेत्र में कार व गाड़ियों पर पेंट रंग का कार्य करता है। हारुन काफी समय से अपने पुराने घर में पत्नी रुखसाना और तीन बेटे व दो बेटियों संग रहता है। हारुन का एक बेटा शाम चार बजे से पहले किसी काम से बाहर गया था।
हारुन और उसकी पत्नी व चार अन्य बच्चे मकान की पहली मंजिल पर कमरे में थे। अचानक मकान की पुरानी लकड़ी की कड़ियां भरभराकर नीचे गिर पड़ी। कमरे की छत का अचानक सारा मलबा नीचे आ गिरा। हारुन और उसकी पत्नी व चारों बच्चे मलबे के नीचे दब गये। चारों ओर परिवा की चीख पुकार मच गई। मलबा नीचे गिरने की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी उपर की ओर दौड़े।
हादसे की खबर लगते ही पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। आनन फानन में लोगों ने किसी तरह मलबे के नीेेचे दबे पूरे परिवार को निकाला। लोगों ने तुरंत घायल हारुन और उसके घायल परिवार को अस्पताल भिजवाया। सूचना पर थाना सदर बाजार पुलिस और एएसपी इरज रजा और इंस्पेक्टर विजय गुप्ता व कैंट बोर्ड के जेई व अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंच गये।
हादसे में घायल हारुन की पत्नी रुखसाना उम्र् करीब 42 वर्ष ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। लोगों ने हादसे के लिए कैंट बोर्ड की लापरवाही बताते हुए हंगामा कर दिया। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को ​किसी तरह शांत कराया। लोगों ने बताया कि हारुन का एक बेटा किसी काम से थोड़ी देर पहले ही बाहर गया था। जो घायल होने से बच गया।
घायल हारुन का कहना है कि उसने कई बार मकान की मरम्मत करने के लिए कैंट बोर्ड से अनुमति मांगी थी। लेकिन किसी ने उसकी एक नहीं सुनी और इसी वजह से उसकी पत्नी की मौत हो गई। हादसे की खबर पर स्थानीय पार्षद विपिन सोढ़ी भी मौके पर पहुंचे और शोक जताया।
कैंट बोर्ड मेें पैसा देने वाले करते हैं निर्माणकार्य
कैंट बोर्ड में अवैध निर्माण धड़ल्ले से किया जाता है। कई मकान और काम्पलेक्स कैंट बोर्ड की शह पर ही खड़े हो गए। रातोंरात मकान काम्पलेक्स खड़ा कर दिया जाता है। लेकिन कैंट बोर्ड पर जूॅं तक नहीं रेंगती। गरीब लोगों पर कार्रवाई करने की बात कहकर उन्हें निर्माण नहीं करने दिया जाता है। कैंट बोर्ड के प्रति लोगों ने गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया।

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