आजाद समाज पार्टी निजीकरण,किसान विरोधी विधेयक के विरोध में सडकों पर उतरी

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मेरठ। आजाद समाज पार्टी निजीकरण, कृषि विधेयकों के विरोध में सड़कों पर उतर आई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर सरकार विरोधी नारे लगाये और कृषि विधेयकों का जमकर विरोध किया।
निजीकरण पर रोक, एससी,एसटी, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंंख्यक युवाओं को आरक्षण व किसान विरोधी कृषि विधेयकों को रद्द करने की मांग को लेकर आजाद समाज पार्टी ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ता हाथों में तख्ती बैनर लेकर पार्टी जिंदाबाद के नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन कर कलेक्ट्रेट पहुंचे। पार्टी पदाधिकारियों ने केन्द्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि कल्याणकारी राज्य की स्थापना सुनिश्चि करने के लिए भारतीय संविधान द्वारा सभी नागरिकों को समान अधिकार दिये गये है। साथ ही सदियों से सामाजिक बहिष्कार एवं शोषण के शिकार रहे वंचित समुदाय के लोगों को राष्र्ट्र के विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए आरक्षण का प्रावधान किया जाता है। मगर अपफसोस है कि संविधान लागू होने के इतने दिनों बाद भी विभागों में इन वर्गों का निर्धारित आरक्षण आज तक पूरा नही किया गया। जिन जिन उपक्रमों संस्थानों में आरक्षण का प्रावधान नहीं है। वहां इन वर्गो का प्रतिनिधित्व शून्य है। ​चूंकि निजी क्षेत्रों में आरक्षण नहीं है अत हर एक निजीकरण आरक्षण पर प्रत्यक्षत हमले के रुप में देखा जाना चाहिये।

वर्तमान केन्द्र सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को छोड़कर जातिवादी एवं पूंजिवादी व्यवस्था को देश पर थोप रही है। जिससे देश के कमजोर शोषित वंचित वर्ग के लोग लगभग बर्बादी के कगार पर खड़े हो चुके हैं। भाजपा सरकार ने उधोगपतियों, रेलवे बैंक एलआईसी ओएनजीसी एवं अन्य सभी संस्थानों का निजीकरण करके पूजिपतियों के आगे नतमस्तक होने में लगी है। दिन पर दिन देश की संवैधा​निक व्यवस्था खतरे में होती नजर आ रही है। इसमें सबसे ज्यादा हमला शिक्षा एवं स्वास्थय क्षेत्रों पर हुआ है।

आजाद समाज पार्टी के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को सौंपे गये ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की है कि राष्ट्रहित की भावना को ध्यान में रखते हुए सरकार संस्थाअेां विभागों उपक्रमों का निजीकरण तत्काल प्रभाव से रोका जाये। निजी क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एसटी एवं पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक समुदाय के आनुपातिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाये। लैटरल इंट्री, आउट सोर्सिंग एंव संविदा जैसी छात्र विरोधी नीतियों को त्यागकर छात्रों युवाओं को रोजगार सुनिश्चित किया जाये। सफाई कर्मचारियों की अस्थाई नियुक्तियों को तत्काल प्रभाव से स्थाई किया जाये। वर्तमान सत्र में पास किये गये ​किसान विरोधी तीनों कृषि विधेयकों को तत्काल प्रभाव से रदद किया जाये। प्रदर्शन करने में बदर अली, ओमप्रकाश जाटव जिला प्रभारी, श्री चन्द्र पीताम्बर प्रजापति सिराज सैफी, संजीव पाल, कर्मवीर जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र रछौती आदि सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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