डिप्रेशन को भगाने के चक्कर में नपुंसकता की बीमारी को दावत दे रहे युवा, पढ़े विशेष खबर

रातोें-रात अमीर बनने के लिए लोग ऐसे कार्यों मे जान बूझकर लग जाते जो उन्हें नहीं करने चाहिए

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डॉ. सुनील सागर

मेरठ। रातोें-रात अमीर बनने के लिए लोग ऐसे कार्यों मे जान बूझकर लग जाते जो उन्हें नहीं करने चाहिए। अगर बाद में उन्हें छोड़ना भी चाहे तो नहीं छोड़ सकते हैं। कुछ समय बाद इनाम में मिलता है डिप्रेशन जिसको भगाने के लिए वो लगातार एन्टी डिप्रेशन दवाई का इस्तेमाल करते है, जिसकी वजह से कुछ महीनों में उनको नामर्दगी होने लगती है।

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न्यूरोसर्जन डॉ. विपुल कुमार त्यागी का कहना है कि एंटी डिप्रेशन दवाईयों का लगातार सेवन करने से दिमाग की नसें व हार्मोन काफी प्रभावित होने की वजह से नपुंशकता आ जाती है। कुछ लोग बिना डिप्रेशन के भी एंटी डिप्रेशन दवाई का सेवन नींद के लिए करते है, उन लोगों में भी नपुंसकता बड़ी तेजी से बढ़ रही है। एंटी डिप्रेशन दवाईयां का लगातार सेवन करने से कुछ पुरुषों में स्पर्म कम हो जाते है। उनमें बच्चा पैदा करने की क्षमता भी कम हो जाती है। जो मरीज एंटी डिप्रेशन दवाईयों का इस्तेमाल कम समय के लिए करते है उनको नामर्दगी की शिकायतें नहीं मिलती है। यदि इसका इस्तेमाल सालों-साल किया जाए तो कम उम्र मेें भी मर्दानगी जा सकती है।

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डॉ. विपुल त्यागी ने बताया कि कुछ थर्ड जेनरशेन दवाइंयों के साईडफेक्ट ज्यादा देखने में आएं है। अब फोर्थ जेनरेशन की दवाईया उपलब्ध हैं, इनके साईडफेक्ट बहुत कम देखने को मिलते है।

 

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