PM मोदी के Digital Health Mission से आपको क्या होगा फायदा?

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का मकसद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है

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नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020 को 74वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का एलान किया है. पीएम ने कहा कि लोगों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने में डिजिटल हेल्थ मिशन से काफी मदद मिल सकती है. डिजिटल हेल्थ मिशन देश के हेल्थ सेक्टर में नई क्रांति ला सकता है.नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हर व्यक्ति की एक हेल्थ आईडी बनेगी. इसके लिए सरकार एक एप बनाने जा रही है.

क्या है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन?

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन का मकसद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना है. केंद्र सरकार इसके लिए टेक्नोलॉजी की मदद लेने जा रही है. तकनीक के अधिकतम इस्तेमाल की मदद से नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के तहत हर व्यक्ति की एक हेल्थ आईडी बनेगी. हर व्यक्ति के मेडिकल रिकॉर्ड का बैकअप बनेगा. हेल्थ आईडी की मदद से किसी व्यक्ति के मेडिकल रिकॉर्ड को कहीं भी देखा जा सकेगा. अगर कोई व्यक्ति अपना इलाज कराने के लिए डॉक्टर के पास जाता है तो डॉक्टर उसकी हेल्थ आईडी की मदद से यह जान लेगा कि उसने कब-कब किस डॉक्टर से किस बीमारी का इलाज कराया है. इसके साथ ही मरीज ने कब कौन सी दवा खाई है, इसका भी हेल्थ आईडी में रिकॉर्ड रहेगा. डिजिटल हेल्थ मिशन से आपको बार-बार कराने वाले टेस्ट से भी छुटकारा मिल सकता है. इस हेल्थ आईडी में आपकी रिपोर्ट की जानकारी भी दर्ज रहेगी.

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आप देश के किसी भी कोने में इलाज कराने जाएंगे तो पर्ची और टेस्ट रिपोर्ट नहीं ले जानी पड़ेगी. डॉक्टर कहीं से भी बैठकर आपकी यूनिक आईडी के जरिए यह पता लगा सकेगा कि आपको क्या बीमारी है और अब तक की रिपोर्ट क्या है.नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन में चिकित्सा संस्थान और राज्य के मेडिकल काउंसिल को जोड़ा जाएगा. इससे सुविधा यह होगी कि दूरदराज के गांवों में रहने वाले किसी व्यक्ति को भी जिले के अस्पताल में दिखाने के लिए अपॉइंटमेंट मिल जाएगा. इस योजना से हर देशवासी को एक तरह की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. उन्होंने बताया कि इस मिशन के अंतर्गत पर्सनल मेडिकल रिकॉर्ड और जांच सेंटर जैसे संस्थान को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने में मदद मिलेगी.

नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन से देश भर के डॉक्टर का वेरिफिकेशन किया जा सकेगा. सरकार पहले ही आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीब लोगों को ₹5,00,000 तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दे चुकी है. प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना या आयुष्मान भारत नाम की यह स्कीम निजी अस्पताल में भी मान्य है.

इस तरह आयुष्मान भारत और नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन के जरिए देश की स्वास्थ्य सुविधा क्षेत्र में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है. पीएम ने कहा, “कोरोना की महामारी को देखते हुए सरकार ने देश में स्वास्थ्य सुविधाओं को उन्नत बनाने का फैसला किया है. सरकार का मानना है कि टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से कम खर्च में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाओं लोगों तक पहुंचाई जा सकती हैं.”

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