बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए पिता ने 105 किमी चलाई साइकिल, आनंद महिंद्रा देंगे तोहफा

आनंद महिन्द्रा ने बच्चे की आगे की पढाई का ली जिम्मेदारी, कहा इन्ही की वजह से देश आगे बढ रहा है

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सुंदर चंदेल।

नई दिल्ली। दसवीं कक्षा की सप्लीमेंट्री परीक्षा दिलाने के लिए मध्य प्रदेश के एक पिता ने अपने बेटे को 105 किलोमीटर दूर एक सेंटर तक साइकिल से पहुंचा दिया. बेटे के सपने को पूरा करने के लिए पिता की यह दिलेरी दिग्गज कारोबारी आनंद महिंद्रा को बहुत पसंद आई है.महिंद्रा अब मध्य प्रदेश के धार जिले के मनावर के दिहाड़ी मजदूर शोभाराम की मदद के लिए आगे आए हैं.

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शोभाराम ने अपने बेटे आशीष को मैथ और सोशल साइंस की परीक्षा दिलाने के लिए 105 किलोमीटर साइकिल चलाई. साइकिल के परीक्षा केंद्र पहुंचने वाले शोभाराम ने एक पोटली में तीन दिन के लिए रोटी-सब्जी भी बाँध रखी थी, जिससे कि उन्हें खाने के लिए पैसे खर्च ना करने पड़ें.शोभाराम ने एक अखबार से कहा, “मैं रोजाना काम करने वाला मजदूर हूं. मैं चाहता हूं कि मेरे बेटे को बेहतर जिन्दगी जीने का मौका मिले. उसे परीक्षा में अपने अंक सुधारने का एक मौका मिला है, मैं उसे उसकी मंजिल तक पहुंचाने के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं.

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दिग्गज कारोबारी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के मालिक आनंद महिंद्रा ने शोभाराम के जज्बे को सलाम किया है और उसके बेटे आशीष को पढ़ाई में हरसंभव मदद करने का भरोसा दिलाया है.शोभाराम के सबसे बड़े पुत्र आशीष ने दसवीं की परीक्षा दी थी, वह तीन विषय में फेल हो गया था. इसके बाद उसने मध्य प्रदेश सरकार की ‘रुक जाना नहीं’ योजना में हिस्सा लेकर सप्लीमेंट्री एग्जाम देने का फैसला किया. शोभाराम ने कहा, “आशीष को पूरा भरोसा था कि वह परीक्षा में पास कर जायेगा, इसलिए मैंने भी उसकी मदद करने का फैसला किया.

दोस्त से लिए 500 रुपए उधार

शोभारा के सामने अब असल दिक्कत यह थी कि आशीष का परीक्षा केंद्र उसके घर से 106 किलोमीटर दूर था. कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को रोकने के लिए किये गए लॉक डाउन की वजह से बसें बंद हैं, और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने का कोई और उपाय नहीं देखकर शोभाराम ने साइकिल से ही यह दुरी तय करने का फैसला किया. इसके बाद शोभाराम ने अपने एक दोस्त से ₹500 उधार लिए और अपने बेटे को परीक्षा केंद्र पर ले जाने के लिए साइकिल की सवारी शुरू कर दी. अपने घर से चलने के बाद करीब 60 किलोमीटर दूर मांडू में थोड़ी देर आराम किया और रात हो जाने की वजह से वहीं रुकने का फैसला किया. उसके बाद उन्होंने आसपास एक मंदिर की तलाश की और वहां रात बिताने की सोची. इस बीच उन्हें किसी स्थानीय व्यक्ति ने अपने घर में रुकने की जगह दे दी.कुछ देर आराम करने के बाद शोभाराम और आशीष ने फिर से साइकिल की सवारी शुरू की और मंगलवार को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के बाद अपनी परीक्षा दी. उसके पिता ने वहीं कहीं रात में रुकने की व्यवस्था की. दोनों एक सरकारी बिल्डिंग में रुके और उसके अगले दिन शोभाराम अपने बेटे के साथ 105 किलोमीटर की साइकिल चलाकर वापस अपने घर पहुंच गए.

सोशल मीडिया पर वायरल हुई तश्वीर

धार के इस व्यक्ति कि तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी थी. कई लोगों ने इनके जज्बे को सलाम किया और शोभाराम की जमकर तारीफ की. इस बीच आनंद महिंद्रा ने भी आगे आकर धार के इस बेटे की पढ़ाई का खर्च उठाने की घोषणा कर दी है.आनंद महिंद्रा ने ट्वीट में लिखा, “इस पिता को सलाम जो अपने बच्चे के लिए सुनहरे भविष्य का सपना देखते हैं. ऐसे ही सपने देश को आगे बढ़ाते हैं. हमारी संस्था आशीष की आगे की पढ़ाई का खर्च उठाएगी. आनंद महिंद्रा ने पत्रकारों से गुजारिश की है कि वे इस परिवार से संपर्क करें.

 

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