Farmer Protest: कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए गठित समिति ने की पहली बैठक

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नई दिल्ली| कृषि कानूनों से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति ने मंगलवार को अपनी पहली बैठक की। बैठक के दौरान में इस बात पर चर्चा की गई कि यह समिति कैसे काम करेगी। एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि समिति देश में किसानों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श करेगी। समिति नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध जता रहे किसानों के साथ ही इनके समर्थकों के साथ भी चर्चा करेगी।

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कृषि लागत और मूल्य आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक गुलाटी, शेतकारी संगठन के अध्यक्ष अनिल घनवत और अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान में दक्षिण एशिया मामलों के पूर्व निदेशक डॉ. प्रमोद जोशी ने बैठक में भाग लिया। समिति में नामित चौथे सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने समिति से नाम वापस लिए जाने की घोषणा की है। इसलिए वह बैठक में मौजूद नहीं थे।

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समिति में शामिल तीनों सदस्यों ने समिति की तमाम गतिविधियों पर चर्चा की, ताकि प्रदर्शनकारी किसानों, किसान संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ चर्चा करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार की जा सकें। बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, घनवत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, समिति राज्य सरकारों, राज्य विपणन बोर्ड और अन्य हितधारकों, जैसे किसान उत्पादक संगठनों और सहकारी समितियों आदि के साथ भी विचार-विमर्श करेगी।

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इसके साथ ही समिति जल्द ही सभी हितधारकों को नए कृषि कानूनों पर अपने विचार रखने के लिए आमंत्रित करेगी। बयान में कहा गया है कि व्यक्तिगत किसान भी ऑनलाइन पोर्टल पर अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं। समिति ने कहा है कि वह सभी संबंधितों के विचारों और राय को समझने के लिए उत्सुक है, ताकि वह अपने ऐसे सुझाव दे सके, जो निश्चित रूप से भारत के किसानों के हित में हों।

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