देश के इस दिग्गज नेता ने राकेश टिकैत को गाजीपुर बॉर्डर पर किया सम्मानित

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गाजीपुर| शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के अपने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसानों के समर्थन में दिल्ली की सीमाओं पर पहुंचने की अपील के दो दिनों बाद पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने रविवार को किसान नेता राकेश टिकैत को सम्मानित किया। टिकैत को ‘सिरोपा’ और पंजाब के अमृतसर में हरमंदिर साहिब के पवित्र तालाब से ‘अमृत’ भेंट किया गया और आंदोलन की सफलता के लिए अकालियों के पूर्ण समर्थन का आश्वासन भी दिया गया। अकाली दल ने पिछले साल विवादास्पद कृषि कानूनों को लेकर सत्तारूढ़ एनडीए से समर्थन वापस ले लिया था।

सुखबीर, जो दिल्ली-यूपी सीमा पर टिकैत से मिले, ने कहा कि किसान नेता ने अपने दिवंगत पिता महेंद्र सिंह टिकैत के नक्शेकदम पर चलकर किसान समुदाय को गौरवान्वित किया है। उन्होंने महेंद्र सिंह टिकैत और अकाली दल संरक्षक प्रकाश सिंह बादल के किसानों की बेहतरी के लिए किए गए कार्यो को भी इस मौके पर याद किया। अकाली दल ने शुक्रवार को अपने पार्टी कार्यकतार्ओं से किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए दिल्ली-हरियाणा और दिल्ली-यूपी सीमाओं पर चल रहे धरना स्थलों पर भारी संख्या में पहुंचने की अपील की थी।

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टिकैत ने इस दौरान अकाली दल संरक्षक के योगदान के बारे में बात करते हुए, उनकी खूब प्रशंसा की। टिकैत ने कहा कि वो पंजाब के पांच बार के मुख्यमंत्री से मिलने के लिए बादल गांव का दौरा करेंगे और उनका आशीर्वाद लेंगे। टिकैत ने एसएडी प्रमुख को सम्मान के निशान के रूप में तलवार भेंट की। एसएडी अध्यक्ष ने 26 जनवरी की घटना के बाद से लापता किसानों के परिवारों से भी मुलाकात की। इसके अलावा सुखवीर बादल ने विरोध प्रदर्शन के बाद से जेल में बंद किसानों के परिवारों से भी भेंट की और उनका हालचाल जाना। सुखबीर बादल ने परिवारों को आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी इन मामलों को उठाएगी और यह सुनिश्चित करेगी कि उन्हें उचित कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाए।

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उन्होंने दिल्ली एसएडी इकाई के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका से अनुरोध किया कि दिल्ली में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया जाए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीड़ित परिवारों को तत्काल सहायता दी जा सके। सुखबीर बादल ने कहा कि डीएसजीएमसी इस तरह के सभी मामलों को नि:शुल्क लड़ेगी, उन्होंने यहां तक कहा कि इस दिशा में समन्वित प्रयास सुनिश्चित करने के लिए चंडीगढ़ और पंजाब के सभी जिलों में वकीलों की एक समिति भी बनाई गई है। उन्होंने दिल्ली के लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया – 9310510640 – जो शनिवार को चंडीगढ़ में जारी तीन हेल्पलाइन नंबर से अलग है।

इस अवसर पर बोलते हुए, अकाली दल प्रमुख ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे अपने मतभेदों को छोड़ दें और किसानों के साथ खड़े हों।

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