अब आकाशीय निगरानी में रहेंगे रेलवे स्टेशन, रेलवे ने 17 आधुनिक ड्रोन का बजट किया आवंटित

आधुनिक ड्रोन काफी लंबे समय तक भर सकेगा उड़ान, सोलर बैटरी के साथ लगाया गया कैमरा

0
175

meerut । भारतीय Relwe dipartment ने सुरक्षा के प्रति एक कदम और बढ़ा दिया है। अब आधुनिक ड्रोन कैमरों की निगरानी में रेलवे स्टेशन्स को रखा जाएगा। इसके लिए सभी तैयारी पूर्ण कर ली गई है। relwe board ने dron camras खरीदने के लिए बजट भी आवंटित कर दिया है। ये आधुनिक dron camras निगरानी के लिए रेल मंडलों को सौंपे जाएंगे।

हमला करके छुड़ा लिया बलवे का वांटेड, पुलिसकर्मियों को भागकर बचानी पड़ी अपनी जान

दरअसल रेलवे प्लेटफॅार्म व ट्रेनों के अंदर रेलवे पुलिस और जीआरपी की तैनाती रहती है, लेकिन स्टेशन यार्ड व रेललाइन की सुरक्षा की कोई विशेष व्यवस्था नहीं है। कई किलोमीटर में फैले यार्ड में एक से दो सिपाही ही तैनात होते हैं। इसके अलावा कई स्थानों पर ट्रेनें जंगल से गुजरती हैं, जहां अन्य जंगली जानवर ट्रेन से टकरा जाते हैं। रेलवे को कुंभ मेला या अन्य धार्मिक आयोजन के दौरान उमडऩे वाली भीड़ के चलते निगरानी करने में परेशानी होती है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे बोर्ड ने 17 आधुनिक ड्रोन कैमरा खरीदने का प्लान बनाया है। ये प्रमुख रेल मंडलों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए 97.52 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

वायरलेस सेट लूटकर बन गए क्राइम ब्रांच के फर्जी अफसर, लोगों को अपने जाल में ​फंसाते थे ऐसे

काफी समय तक उड़ान भर सकेगा ड्रोन

अभी तक जो ड्रोन कैमरा रेलवे के पास थे वह बहुत लंबी उड़ान नहीं भर सकता था। इसके लिए समय.समय पर बैट्री चार्ज करनी पड़ती है। रेलवे जो कैमरा प्रयोग करने जा रहा है, उसमें शक्तिशाली बैट्री लगी है। इसे चार्ज करने लिए उसमें सोलर सिस्टम लगा है। उड़ान भरने के दौरान बैट्री भी चार्ज होती रहेगी। इसमे हाई रेज्यूलेशन कैमरा लगा होता है। ड्रोन रेलवे की जमीन आदि की मैपिंग करने का भी काम करेगा। ड्रोन कैमरा सेटेलाइट या मोबाइल नेटवर्क से जुड़ा होगा, जो कंट्रोलरूम को लगातार वीडियो भेजेगा।

लिया जाएगा ड्रोन का सहारा

मरेठ रेलवे अधीक्षक आरपी शर्मा ने बताया कि अगले साल हरिद्वार में कुंभ मेला होने जा रहा है। कुंभ मेला में लाखों की संख्या में श्रद्धालु ट्रेन से पहुंचेंगे। इनकी निगरानी करने के लिए ड्रोन कैमरा का सहारा लिया जाएगा। ड्रोन कैमरा के संचालन करने की जिम्मेदारी आरपीएफ को सौंपी गई है। एक ड्रोन कैमरा 10 से 12 जवानों के बराबर क्षेत्र का निगरानी करेगा।

एक नवजात को लेकर था विवाद, युवक ने विवाहिता प्रेमिका को ​दी ये खौफनाक सजा

Google search engine

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here