NCERT की नकली बुक छापने के मामले हुआ चौंकाने वाला खुलासा, जानकर रह जाएंगे हैरान

पब्लिकेशन की जगह कहीं चलता मिला होटल तो कहीं गोदाम की जगह गऊशाला, ज्वाइंट कमिश्नर ने कहा अभी और भी खुलेंगे राज

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MEERUT। NCERT नकली बुक छापने का मामला अब राष्ट्रीय मुद्दा बन गया है। जहां एक और विपक्षी पार्टी बीजेपी को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रही तो वहीं दूसरी और जांच में अजब-गजब की कहानी सामने आ रही है। नेताओं के अलावा मामले में कई अधिकारी भी फंसते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को हुई जांच में पब्लिकेशन्स के स्थान पर कहीं होटल चलता मिला तो कहीं गौदाम के नाम पर गऊशाला। जिससे देखकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। मामले की यदी गंभीरता से जांच हुई को कईयों को लपेटे में ले लेगी।

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पब्लिकेशन की जगह चलता मिला होटल

जानकारी के मुताबिक मोहकमपुर में जिस जगह पर आरोपी भाजपा नेता संजीव गुप्ता और उसके भतीजे सचिन गुप्ता ने टीएनएचके पब्लिकेशन दिखाया हुआ था, उस जगह पर तिरुपति होटल चलता देखकर सीजीएसटी के अधिकारी भी हैरान रह गए।अधिकारियों ने छानबीन की तो पता चला कि तीन साल पहले तिरुपति होटल की जगह आंचल पब्लिकेशन के नाम से प्रिंटिंग मशीनें चलती थी। इस मामले में पुलिस और अन्य विभागों की भी पोल खुल गई की आखिर तीन साल से सरकारी विभाग के अधिकारियों की बिना जानकारी में तिरुपति होटल में पब्लिकेशन कैसे चला रखा था। और आज तक कोई करवाई क्यों नहीं हुई।जिम्मेदार अफसर रजिस्ट्रेशन करने के बाद फर्म की जांच क्यों नहीं करते हैं। इसको लेकर सरकारी विभाग के अफसरों पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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अभी और खुलेंगी परतें

डिप्टी ज्वाइंट कमिश्नर वीरेंद्र नारायण वर्मा का कहना है कि टीएनएचके पब्लिकेशन की फर्म पुलिस द्वारा बनाए गए मुख्य आरोपी सचिन गुप्ता की मां अनीता गुप्ता के नाम पर दर्ज है। इस फर्म का रजिस्ट्रेशन 22 जनवरी 2002 को हुआ था। जबकि पुलिस ने करोड़ों रुपये की नकली किताबों के मामले में अभी तक अनीता गुप्ता का नाम मुकदमे में कहीं शामिल नहीं किया है। संजीव गुप्ता और सचिन गुप्ता को परतापुर पुलिस ने मुख्य आरोपी बनाया है। जबकि कागजों की लिखा पढ़ी में इस फर्म में इनका कहीं पर भी नाम नहीं दर्शाया गया। ज्वाइंट कमिश्नर ओपी वर्मा का कहना है कि फर्म की जगह पर तो तिरुपति होटल मिला है। असली फर्म कहां पर है इसकी तलाश शुरू कर दी गई है।बताया यह भी जा रहा है कि परतापुर के अच्छरौंडा में जहां आरोपियों का गोदाम मिला है, वहां पर गोशाला बताई गई थी, इसकी भी जांच कराई जा रही है।

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