Meerut: मेरठ के सूबेदार राम सिंह राजौरी में शहीद, क्षेत्र में मचा कोहराम

रिटायरमेंट से 6 माह पहले देश की खातिर मेरठ के लाल ने दी शहादत, पत्नी से हुई थीं आखिरी बार बात

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मेरठ। मेरठ के रहने वाले सूबेदार राम सिंह राजौरी में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। रिटायरमेंट से 6 माह पहले मेरठ के लाल ने देश के खातिर अपनी शहादत दी है। सूबेदार के शहीद होने का पता चलते ही परिवार में कोहराम मच गया। शहीद के घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।

उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के सलाना गांव निवासी राम सिंह (49) पुत्र दीवान सिंह सेना में सूबेदार थे। उनका परिवार मेरठ के गंगानगर थाना क्षेत्र के ईशा पुरम मकान नंबर 28- बी में रह रहा है। उनकी पोस्टिंग 48 राष्ट्रीय राइफल्स में थी। जम्मू कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में सूबेदार राम सिंह शहीद हो गए। शहीद सूबेदार राम सिंह का पार्थिव शरीर उधमपुर में रखा गया है। शुक्रवार सुबह पार्थिव शरीर को मेरठ लाया जाएगा।

रिटायरमेंट के 6 माह पहले दी शहादत

सेना के 16 गढ़वाल में शामिल हुए सूबेदार राम सिंह मूल रूप से पौड़ी गढ़वाल के रहने वाले थे। वह लंबे समय से मेरठ के मवाना रोड स्थित इशपुरम में परिवार के साथ रह रहे थे। पौने 2 साल से वह राष्ट्रीय राइफल्स के साथ कार्यरत थे। फरवरी 2022 में वह 30 साल की सेवा के बाद सेवानिवृत्त होने वाले थे। सेवानिवृत्त होने से 6 माह पहले ही देश के खातिर आतंकियों से लोहा लेते हुए वह शहीद हुए हैं। हेड क्वार्टर से गुरुवार दोपहर 1:00 बजे परिवार को मौखिक सूचना दी गई। गुरुवार शाम गंगानगर इंस्पेक्टर ऋषिपाल सिंह ईशापुरम में पहुंचे और सूबेदार के शहीद होने की जानकारी परिवार को दी।

पत्नी से हुई थी आखरी बार बात

सूबेदार राम सिंह की 17 अगस्त को पत्नी से आखरी बार मोबाइल पर बात हुई थी। जिसमें सूबेदार राम सिंह ने अपनी पत्नी अनीता को कहा था कि मैं ठीक हूं, घर पर बेटे और बेटियों का ख्याल रखना। लेकिन पत्नी अनीता को नहीं पता था कि यह आखिरी बार बात हो रही हैं। गुरुवार को जब पति के शहीद होने की सूचना मिली तो पत्नी अनीता बेहोश हो गईं। पति की शहादत पर अनीता का रो रो कर बुरा हाल है। परिवार में पत्नी अनीता के अलावा 20 वर्षीय बेटा सोलेन है जो मेरठ कॉलेज से एमकॉम की पढ़ाई कर रहा है। जबकि चार बेटियों में प्रियंका रावत और करिश्मा की शादी हो चुकी है, मीनाक्षी व मनीषा पढ़ाई कर रही हैं। बेटियों का भी रो रो कर बुरा हाल है।

 

 

 

 

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