Lucknow: सावधान! रोडवेज के चालक-परिचालक वर्दी पहनना अनिवार्य, आदेश न मानने पर कार्रवाई

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lucknow: उत्तर प्रदेश राज्य सड़क एवं परिवहन निगम के चालक- परिचालक के लिए अब वर्दी पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश का पालन न करने वाले रोडवेज स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में रोड़वेज के सभी क्षेत्रीय प्रबंधकों को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। साथ ही आदेश को तत्काल अमल में लाने के लिए कहा गया है। इसके लिए विभाग की और से पेंट-शर्ट का कपड़ा व सिलाई के लिए भी संबंधित कर्मचारी के खाते में निर्धारित धनराशि डालने के लिए कहा गया है।

नहीं करने दिया जाएगा काम

दरअसल, रोडवेज के चालक और परिचालक 50 फीसदी से ज्यादा बिना ड्रेस के ही ड्यूटी पूरी करते हैं। पता ही नहीं चल पाता कि यह रोडवेज का स्टाफ है। समस्या को देखते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन के अधिकारी अब एक्शन मोड़ में आ गए हैं। परिवहन के प्रमुख सचिव ने सर्कुलर जारी करते हुए पूरे प्रदेश के आरएम को कहा कि यदि कोई कर्मचारी बिना वर्दी के ड्यूटी पर आता है तो उसे डिपो से बाहर कर दिया जाए। साथ संबंधित के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाए। क्षेत्रीय प्रबंधक व स्टेशन प्रभारी को आदेश को तत्काल रुप से अमल में लाने के लिए कहा गया है।

यह मिलेगी सुविधा

परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक सुनील प्रसाद के आदेशानुसार, बस चालकों और परिचालकों को वर्दी के मद में दो हॉफ शर्ट के लिए 4.5 मीटर, एक हॉफ शर्ट के लिए 2.5 मीटर, दो पैंट के लिए 2.5 मीटर कपड़े दिये जायेंगे। इसके साथ ही 500-500 रुपये तीन शर्ट और दो पैंट की सिलाई के मद में भी दिये जाएंगे। ताकि चालकों और परिचालकों के पास वर्दी की कमी न होने पाए।

मातृत्व अवकाश की अवधि भी बढ़ी

परिवहन निगम प्रशासन ने मातृत्व अवकाश की अवधि को तीन माह से बढ़ाकर 135 दिन कर दिया है। रोडवेज की अपर प्रबंध निदेशक अन्नपूर्णा गर्ग के आदेशानुसार, अब संपूर्ण सेवाकाल के दौरान महिला कर्मचारी दो बार मातृत्व अवकाश ले सकेंगी। भले ही उनकी सेवाएं अस्थायी क्यों न हों। इसके अलावा जो महिला परिचालक मातृत्व अवकाश से पहले लौट चुकी हैं, उन्हें छह माह तक कार्यालय से संबद्ध किया जाएगा। ताकि वह अपने शिशुओं की देखभाल कर सकें।

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