Immunity Power बढ़ाने के लिए काढे की डोज और मसालों से मुश्किल में पड़े लोग, जानिए कैसे

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मेरठ। कोरोना (Corona) के संक्रमण से खुद को बचाने के लिए दिन में कई बार काढ़ा पीने के साथ-साथ विटामिन सी की ओवरडोज अब नई मुश्किलें खड़ी कर रही है। कोरोना संक्रमण के शुरू होने से ही चल रहा ये सिलसिला अब लोगों के सामने नई मुश्किलें के रूप में सामने आ रहा है। इससे कब्ज, पेट दर्द जैसी समस्या लोगों को परेशान कर रही है। चिकित्सक के पास जाने पर पता चल रहा है कि इम्युनिटी सिस्टम (Immunity Power) बढ़ाने के लिए मसाले और विटामिन सी की ओवरडोज की वजह से इस तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है।

डा. प्रवीण पुंडीर का कहना है कि कोरोना वायरस को मात देने के लिए सबसे बड़ा हथियार है इम्युनिटी। इम्‍युनिटी को बढ़ाने के लिए आजकल लोग तरह-तरह के नुस्खे आजमा रहे हैं। इसके लिए कोई अश्वगंधा, काली मिर्च, तुलसी, लौंग, लहसुन, हींग जैसे मसालों से बना काढ़ा पी रहा है‌ तो कोई दिन में कई बार विटामिन सी की गोलियां खा रहा है। लेकिन दवाई और काढ़े की सही मात्रा की जानकारी न होने की वजह से अब ये लोगों के लिए नई मुश्किल खड़ी हो रही हैं। दालचीनी, गिलोय, काली मिर्च जैसी चीजों का ओवरडोज अल्सर, पेट दर्द या सीने में जलन की वजह बन रहा हैं। ये लीवर को भी नुकसान पहुंचाता हैं। मसालों के ओवरडोज की वजह से पेट दर्द पेट में अल्सर, एसिडिटी लोगों को परेशान कर रही है तो गिलोय का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल शुगर लेवल को भी कम कर रहा है।

ओवरडोज से स्किन प्रॉब्लम

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 30 साल की रश्मि पिछले दो महीने से काली मिर्च, अजवाइन, दालचीनी, लौंग जैसे मसालों से बना काढ़ा पी रही थीं। अचानक 15 दिन पहले उनके चेहरे पर कील-मुंहासे होने लगे। उन्हें लगा ये ठीक हो जाएंगे। लेकिन कुछ दिन में और बढ़ गए। स्किन स्पेशलिस्ट डा0 पीके गुप्ता को दिखाया तो उन्होंने बताया कि ये ज्यादा गर्म तासीर के मसालों का साइड इफैक्ट है। डॉक्टर ने उन्हें कुछ दिन काढ़ा न पीने की सलाह दी।

एसिडिटी और गले में जलन

डा0 प्रवीण पुंडीर बताते हैं कि लोग कोरोना के डर से दिन में तीन बार अदरक, काली मिर्च, दालचीनी का काढ़ा पीने लगे हैं। सुबह नींबू-शहद का पानी भी रहे हैं। इससे एसिडिटी और गले में जलन हो रही है। फूड हिस्ट्री पूछने पर पता चलता है कि बेहिसाब मसालों के कारण ऐसा हुआ है। ऐसे में काढ़ा बनाने की सही मात्रा समझाई और सिर्फ एक बार पीने की सलाह दी जा रही है।

अति नहीं अच्छी, हर जड़ी-बूटी की सही मात्रा जरूरी :-

आयुर्वेदाचार्य डा0 ब्रज भूषण शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया पर काढ़ा बनाने के वीडियो और मैसेज जमकर वायरल हो रहे हैं। लोग डॉक्टर की राय लिए बिना इन वीडियोज को देखकर काढ़ा बना रहे हैं, जो गलत है। हर इंसान की प्रकृति अलग होती है। उम्र के साथ दवा की मात्रा भी बदलती है। काढ़े में डलने वाले हर एक इंग्रीडिएंट की सही मात्रा का होना बेहद जरूरी है। अति अच्छी नहीं है। काढ़ा बनाने के लिए विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। हल्दी, अदरक, काली मिर्च जैसे मसाले बहुत गर्म होते हैं। इनसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है लेकिन ओवरडोज से बीमारियों का खतरा भी होता है। लोगों ने आयुर्वेदिक दवाओं का सेवन भी बढ़ा दिया है। इन दवाओं की सही खुराक और कंपोनेंट पता होना भी जरूरी है। गलत दवा और ज्यादा खुराक लेने से कई साइड इफैक्ट होने का खतरा होता है।

 
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