किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ सड़कों पर किसान, दर्जनों ट्रैक्टर लेकर कलेक्ट्रेट में घुसे

सैंकड़ों किसानों ने अर्धनग्न होकर निकाली सरकार के खिलाफ यात्रा

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Meerut। सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ आखिर किसानों का गुस्सा फूट ही पड़ा। वेस्ट यूपी के लाखों की संख्या में किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। मेरठ में जनपद के सैंकड़ों किसान कलेक्ट्रेट में ट्रैक्टर ट्रॅाली लेकर घुस गए। इसके अलावा मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे पर अर्धनग्न होकर सरकार के खिलाफ यात्रा भी निकाली। किसानों के आन्दोलन में विपक्षी दलों ने समर्थन देकर हिस्सा लिया। इस दौरान कई जिलों में किसानों और पुलिस की तीखी नोक-झौंक भी हुई।

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मानसून सत्र के ठीक पहले किसानों का आन्दोलन एक बार फिर जोर पकड़ता दिखाई दे रहा है। किसानों का आरोप है कि मेरठ दिल्ली एक्सप्रेसवे के किसानों के साथ सरकार ने वादाखिलाफी की है। एक सामान मुआवजा और सर्विस रोड़ जैसी मांगों को दरकिनार किया गया है। जिसको लेकर सैंकड़ों किसानों ने सपा नेता अतुल प्रधान के नेतृत्व में जमकर नारेबाजी करते हुए यात्रा निकाली। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अतुल प्रधान ने सरकार को किसान-नौजवान विरोधी सरकार करार दिया। साथ ही सरकार यदि होश में  न आई तो बड़ा आन्दोलन करने की चेतावनी भी दी। अतुल प्रधान ने कहा किसानों पर हो रहे अत्याचारों को समाजवादी पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। किसानों के लिए यदि उन्हे यदि जेल भी जाना पड़ा वे तैयार हैं कहकर किसानों का होंसला अफजाई की।

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जब कलेक्ट्रेट में घुसे किसान

कॉरपोरेट भगाओ, देश बचाओ”, किसान विरोधी कृषि अध्यादेश वापस लो और ‘संयम से आए हैं संयम से जाएंगे’ समेत तमाम नारों के साथ सैंकड़ों किसान ट्रैक्टर ट्रॅाली लेकर मेरठ जिलाधिकारी कार्यालय में घुस गए। साथ ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। किसान नेताओं ने सरकार को होश में आओ व किसान विरोधी सभी अध्यादेश वापस लो, मेरठ दिल्ली एक्सप्रेस वे पर सामान मुआवजा नीति लागू करने की मांग की गई। साथ ही ज्ञापन भी सौंपा गया। आपको बता दें कि यह किसान आन्दोलन केवल मेरठ में ही नहीं बल्कि पूरे वेस्ट यूपी मेें सक्रिय हुआ है। बागपत, शामली सहित कई जिलों में किसानों की पुलिस से तीखी झड़प भी हुई।

जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे किसान 

भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह के नेत्तृव में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल जंतर मंतर पर धरने पर बैठा है। किसान नेता वीएम सिंह का कहना है कि  30 सितंबर तक देश भर में किसान सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। “अपनी मंडी अपना दाम, जय जवान, जय किसान”, “कॉरपोरेट भगाओ, देश बचाओ”, किसान विरोधी कृषि अध्यादेश वापस लो और ‘संयम से आए हैं संयम से जाएंगे’ के नारों के साथ दिल्ली में कई दर्जन किसान संगठनों के प्रतिधिनियों ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। मानसून सत्र के पहले दिन किसान संगठनों ने सरकार से तीन कृषि अध्यादेश वापस लेने, पेट्रोल की कीमतें आधी करने और प्रस्तावित बिजली बिल कानून को वापस लेने की मांग की।

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