Farmer Protest: कृषि मंत्री ने खाया किसानों का नमक, बैठक में जानें क्या निकला निर्णय

छठे दौर की वार्ता में भी तीन केंद्रीय मंत्रियों के सामने 40 किसान नेता 

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नई दिल्ली| कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच बुधवार को बातचीत का एक और दौर जारी हैण् ये बैठक में40 किसान संगठन हिस्सा ले रहे हैंण् वहींए बैठक में लंच ब्रेक में किसानों के लिए आया लंगर मंत्रियों ने भी खाया। मोदी सरकार द्वारा शुरू किए गए कृषि सुधार पर तकरार का समाधान तलाशने के लिए बुधवार को छठे दौर की औपचारिक वार्ता के दौरान भी तीन केंद्रीय मंत्रियों के सामने 40 किसान नेता रहे। विज्ञान-भवन में आज (बुधवार) दोपहर दो बजे होने जा रही वार्ता के लिए किसान नेता सिंघु बॉर्डर से प्रस्थान कर चुके हैं।

उधर, केंद्रीय कृषि मंत्रालय के सू़त्रों ने बताया कि आज की वार्ता में भी सरकार की ओर से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, रेलमंत्री पीयूष गोयल और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री सोम प्रकाश मौजूद रहे। साथ ही, वार्ता के दौरान कृषि सचिव संजय अग्रवाल और कृषि मंत्रालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

इससे पहले पांच दिसंबर को पांचवें दौर की वार्ता भी तीनों केंद्रीय मंत्रियों के साथ 40 किसान नेताओं ने की थी, लेकिन नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग पर किसान नेताओं के अड़ जाने की वजह से वार्ता विफल रही। किसान नेता मेजर सिंह पुनावाल पूर्व की वार्ता में शामिल रहे हैं। लेकिन उनका कहना है कि किसान नेता मुख्य रूप से तीनों कृषि कानूनों को रद्द करवाने की प्रक्रिया और एमएसपी को कानूनी जामा पहनाने पर बात की।

मेजर सिंह पुनावाल पंजाब में ऑल इंडिया किसान सभा के जनरल सेक्रेटरी हैं। उन्होंने कहा कि उनके संगठन के दूसरे पदाधिकारी आज की बैठक में हिस्सा लेंगे, लेकिन चर्चा उन्हीं मुद्दों पर होगी जो संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सुझाए गए हैं।

पुनावाल ने कहा, सरकार ने पहले जो प्रस्ताव भेजा था उस पर इसलिए वार्ता करने को किसान नेता राजी नहीं हुए क्योंकि सरकार ने नये कानूनों में संशोधन की बात कर रही थी, लेकिन अब किसानों द्वारा सुझाए गए मुद्दों पर वार्ता होने जा रही है और हम उन्हीं मुद्दों पर बात करना चाहेंगे।

किसान संगठन की ओर से वार्ता के लिए जो चार मुद्दे सुझाए गए हैं उनमें ये शामिल हैं:

1. तीन केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्दध्निरस्त करने के लिए अपनाए जाने वाली क्रियाविधि

2. सभी किसानों और कृषि वस्तुओं के लिए राष्ट्रीय किसान आयोग द्वारा सुझाए लाभदायक एमएसपी पर खरीद की कानूनी गारंटी देने की प्रक्रिया और प्रावधान

3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए आयोग अध्यादेश, 2020 में ऐसे संशोधन जो अध्यादेश के दंड प्रावधानों से किसानों को बाहर करने के लिए जरूरी हैं, और

4. किसानों के हितों की रक्षा के लिए विद्युत संशोधन विधेयक 2020 के मसौदे को वापिस लेने (संशोधन पिछले पत्र में गलती से जरूरी बदलाव लिखा गया था) की प्रक्रिया।

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