समाज पर भारी पड़ रहे झूठ के सहारे बनते रिश्ते, मनोवैज्ञानिक बता रहे ये उपाय

कुछ सालों में ही महिला उत्पीड़न, बेटियों के साथ मारपीट, आगजनी और हत्याओं का यह ग्राफ तेजी से ऊपर पहुंचा है

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मेरठ। जिस बच्ची को बड़े लाड़ प्यार से पाला है, चंद पैसों के लालच में उसी बेटी का हाथ जुआरी, शराबी और लुटेरे के हाथ में थमा दिया है। कुछ ही दिनों बाद शादी का यह रिश्ता एक कांटों जैसे चुभीले और जहर जैसे कड़वे अनुभवों में बदल जाता है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में ही महिला उत्पीड़न, बेटियों के साथ मारपीट, आगजनी और हत्याओं का यह ग्राफ तेजी से ऊपर पहुंचा है। समस्या का कोई हल नहीं निकलता ओर मां-बाप पछतावे के आंसू पीकर रह जाते हैं।ताजा मामला एक पूनम ( काल्पनिक नाम) की लड़की से जुड़ा। पूनम के पिताजी ने बताया कि उन्होंने अपनी बिटिया की शादी सरधना के एक गांव में की​ थी। बिचौलिया का कहना था कि लड़का बहुत अच्छा है, लड़का ड्राइवर है उसके पास अपनी निजी इको कार है। यही नहीं लड़की के हिस्से में 4 बीघा कृषि की जमीन भी आती है।

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लेकिन 8 दिन बाद ही पता चला कि ना तो उसके पास कार है और ना उसके पास जमीन, यहां कि लड़का भी दारू पीकर इधर— उधर पड़ा रहता है। लड़की के साथ मारपीट करता है। अब लड़की ​अपने पिता के घर पर ही रह रही है।

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वहीं, दूसरी ओर सुमन (काल्पनिक नाम ) किला परीक्षित गढ़ की रहने वाली हैं। सुमन की शादी लावड़ के पास एक गांव में हुई थी। उनकी माता का कहना है कि बिचौलिये ने हमें लड़के को प्राइवेट कंपनी में कार्यरत बताया था। हमने शादी भी अच्छी की और लगभग सभी दहेज भी दिया, लेकिन 15 दिन बाद पता चला कि वह तो प्राइवेट कंपनी में चपरासी हैं और दारू भी बहुत पीता है। यहां तक तो ठीक लेकिल वह आए दिन लड़की के साथ मारपीट भी करने लगा।

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उन्होंने बताया कि अब हमारी लड़की की मानसिक हालत ठीक नहीं है, जिसके चलते उसे उन्माद या पागलपन के दौरे उठ रहे है। इस बारे में जब मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर विकास कुमार सैनी से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि लड़का और लड़की को बैठाकर दोनों की काउंसलिंग की जाए समस्या का हल निकल जाएगा। डॉक्टर ने कहा कि मां-बाप जल्दबाजी में कोई गलत कदम ना उठाएं। ऐसे केसों में सामाजिक संगठनों का भी सहारा लिया जा सकता है। लड़का और लड़की दोनों तनाव ना लें एक दूसरे को एडजस्ट करने की कोशिश करें।

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