35 करोड़ की NCERT की किताबें जब्त, अवैध रुप से हो रही थी छपाई

चोरी-छिपे अवैध रूप से NCRT की किताबें छापे जानें का खुलासा,

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मरेठ। जिलें में सरकारी उपक्रम की किताबों को अवैध रूप से छापा जा रहा था। छपाई के  बाद दिल्ली, उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश समेत देश के अन्य राज्यों में सप्लाई भी किया जा रहा था। परतापुर पुलिस व एटीएफ को इसकी सूचना मिली तो संगठित कार्रवाई करते हुए परतापुर क्षेत्र में एक बड़े गोदाम पर छापेमारी की गई। यहां से पुलिस ने 35 करोड़ रूपये मूल्य की अवैध रूप से छापी गई किताबें व इन्हें छापनें वाली 6 मशीनें बरामद की। साथ ही 6 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। हालाकि गौरखधंधे का मास्टरमाइंड सचिन गुप्ता फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश को टीम गठित कर दी है।

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NCERT भारत सरकार द्वारा स्थापित संस्थान है। जिसके आधीन सभी सरकारी पाठ्क्रम आते है। इस पाठ्यक्रम में वह सभी सरकारी विद्यालय शामिल होते है जहां पर अलग-अलग विषयों की पढ़ाई होती है। साथ ही सभी तरह की शिक्षा पर सरकार का मार्गदर्शन करना, शिक्षा को लेकर सभी नितियों पर काम करना होता है। इसके द्वारा चुनी गई किताबें ही सरकारी स्कूलों में लागू होती है वैसे कुछ प्राईवेट स्कूल भी इस कोर्स का इस्तेमाल करते देखें गए है।
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NCERT द्वारा निर्धारित किए गए कोर्स को स्कूलों की मांग के अनुसार सरकारी अनुमति दिये जानें पर ही छापा जा सकता है। लेकिन इसे बिना आदेश के भी अवैध रूप से मेरठ में छापा जा रहा था। मेरठ पुलिस व एसटीएफ को इस तरह अवैध रूप से छापे जानें वाली किताबों का जखीरा मिला है। मेरठ में कई बड़े-बड़े प्रकाशन धड़ल्ले से चल रहे जहां इस गोरखधंधें को अंजाम दिया जाता है। यह तो सिर्फ एक गोदाम हाथ लगा है, अगर पुलिस इसी तरह अपने काम को अंजाम दे तो दर्जन भर से अधिक प्रकाशन पकड़ में आ सकते है। कुल मिलाकर मेरठ पुलिस की यह बड़ी कामयाबी है जिसके लिए वह प्रशंसा की पात्र है। एसएसपी मेरठ अजय साहनी का कहना है कि पकड़े गए लोगों से पूछताछ जारी है। साथ ही धंधे से जुडे अन्य लोग भी जल्द पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

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