meerut: लक्कीपुरा और ईरा गार्रडन में बनती थी रोहिंग्या की योजना, शक के घेरे में आए स्थानीय लोग

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meerut: जैसे-जैसे ATS रोहिंग्या से पूछताछ कर रही है, वैसे ही नया खुलासा हो रहा है। सूत्रों का दावा है कि रोहिंग्या का प्लानिंग सेंटर मेरठ था। ATS के खुलासे में पता चला है कि रोहिंग्या महानगर के लक्कीपुरा और ईरागार्डन में अपनी योजना बनाते थे। आस-पास के लोगों के मुताबिक उक्त स्थान पर बड़ी-बड़ी गाडियों में लोग आकर बैठक करते थे। पुलिस ने पूछताछ के लिए दो लोगों को भी हिरासत में लिया है।

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मलेशिया से जुड़े हैं तार

ATS  की माने तो नूर आलम और हाफिज के तार मलेशिया से जुड़े हैं। पुलिस अन्य साथियों का पता भी लगा रही है। यही नहीं फंडिंग कहां से होती थी, बैठकों में क्या-क्या प्लानिंग होती थी इसका भी पुलिस पता लगा रही है। पकड़े गए हाफिज शफीक, स्माइल, मुफीजुररहमान और अजीजुररहमान उर्फ अजीज तो मलेशिया में महिलाओं की तस्करी में भी शामिल थे। जानकारी के मुताबिक ये लोग हवाला के जरिए विदेशों से आर्थिक मदद लेते थे।

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चलती थी मिटिंग

बताया गया कि ईरा गार्डन में रोहिंग्या की बैठक हाफिज शफीक लेता था। साथ ही लक्खीपुरा में नूर आलम के घर मीटिंग होती थी। इन्हीं मीटिंग में ही पूरी प्लानिंग की जाती थी। आरोपियों के साथियों की तलाश में जुटी एटीएस धरपकड़ के बाद भूमिगत हुए आरोपियों के अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ स्थानीय लोग भी पैसों से लालच में इनसे जुड़े हुए हैं। एक मिशन की तरह रोहिंग्या को मलेशिया से गाइड किया जा रहा था। दावा है कि इन्होने वेस्ट यूपी में चुप-चाप सैंकड़ो राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड भी बनवा लिए थे। ATS मामले की तक जाने के लिए मेरठ में डेरा डाले हुए है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि मामले की ठीक से जांच हुई तो अकेले मेरठ शहर से ही सैंकड़ों रोहिंग्या मिल सकते हैं।

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