लड़की बनकर पांच लड़के 200 से ज्यादा युवकों बना चुके थे शिकार, ब्लैकमेल करने का पढ़िए ये हैरत करने वाला राज

राजस्थान के अलवर जिले के पांच विशेष संप्रदाय के युवक गैंग बनाकर युवाओं को ब्लैकमेल करते थे। ​गैंग के तीन सदस्य पकड़े गए हैं, जबकि दो फरार हो गए हैं। इनकी ठगी का शिकार 200 से ज्यादा युवक हुए हैं।

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मेरठ। फिल्म ‘ड्रीम गर्ल’ (Film Dream Girl) से संप्रदाय विशेष के युवकों (Muslim Youths) ने ऐसा गैंग (Gang) तैयार किया, जो इंटरनेट मीडिया (Internet Media) पर युवकों को लड़की बनकर (Turned Girl) अपने जाल में फंसाने के बाद ब्लैकमेल (People Blackmailing) करता था। यह गिरोह अब तक देश के विभिन्न राज्यों के 200 से अधिक युवकों को अपना शिकार (Cheated Youths) बना चुका है। राजस्थान (Rajasthan) के रहने वाले इस गिरोह के सरगना समेत तीन को पुलिस ने गिरफ्तार (Meerut Arrested Three Accused) किया है, जबकि दो फरार हैं।

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एसएसपी अजय साहनी ने बताया कि पूरा गिरोह राजस्थान के जिला अलवर के रामगढ़ क्षेत्र की अरावली की पहाड़ियों के पास का रहने वाला है, जो फेसबुक, वाट्सएप और ओएलएक्स के माध्यम से घर बैठे ही देश के सभी राज्यों में युवकों को लड़की की फोटो व वीडियो भेज कर अपने जाल में फंसा लेता है। यह गिरोह मुख्य रूप से ऐसे युवकों को अपना निशाना बनाता है, जो किसी धर्म, जाति या व्यवसाय में महत्वपूर्ण स्थान रखते है। फेसबुक अकाउंट से पूरी जानकारी लेने के बाद ही गिरोह के सदस्य लोगों से संपर्क करते हैं।

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फेसबुक पर लड़की की फोटो लगाकर चैटिंग करते-करते करीब आ जाते थे। फिर वाट्सएप नंबर पर लड़की बनकर वीडियो कॉल करते थे। इसके बाद अश्लील चैटिंग और अश्लील तस्वीरों का आदान—प्रदान करते थे। भरोसे में लेकर उनकी अश्लील वीडियो बना लेते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य पेटीएम व यूपीआईआईडी के माध्यम से अपने खातों में लाखों रुपये डलवा लेते थे। खाते में रकम नहीं डालने पर पीड़ितों को उनके फेसबुक एकाउंट में शामिल परिजनों को अश्लील फोटो और वीडियो भेजने की धमकी देते थे। पकड़े गए आरोपित राजस्थान के लक्ष्मणगढ़, गोविन्दगढ़ व रामगढ़ तहसील क्षेत्र गांवों के हैं, जो वहीं से देश के सभी राज्यों में वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

गिरोह ने तीन टीमें बना रखी हैं। पहली टीम का काम फेसबुक पर ऐसे व्यक्तियों को ढूंढना और उनके विषय में जानकारी एकत्र करना होता है, जो आसानी ने फंस जाते हैं। दूसरी टीम लड़की की फोटो लगाकर फेसबुक अकाउंट बनाकर ऐसे लोगों को अपने जाल में फंसाती है। तीसरी टीम फर्जी नाम से बने पेटीएम व यूपीआइआइडी के बैंक खाते मुहैया कराती है, जिसमें रकम डाली जाती है। हनीफ इस गिरोह का सरगना है। आठ बैंकों में उसके खाते है, जिनमें अब तक 80 लाख का लेन-देन हो चुका है। इस गिरोह के दो आरोपी सदस्य साहिल और रफीक खान फरार हैं, ये दोनों भी अलवर के हैं।

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