Aadhar से ​फर्जी सिम के जरिए Paytm आईडी बनाकर करते थे धंधा, अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के 10 ठग गिरफ्तार

सहारनपुर में आनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह के दस ठग पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। इनके पास से भारी मात्रा में आनलाइन काम करने का सामान बरामद किया गया है।

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सहारनपुर। आधार कार्ड (Aadhar Card) से फर्जी ​सिम (Fake Sim) के ​जरिए पेटीएम आईडी (Paytm ID) बनाकर ठगी का धंधा (Cheating) करने वाले अंतर्राष्ट्रीय गिरोह (International Gang) के 10 ठग पुलिस ने गिरफ्तार किए हैं। पुलिस (Saharanpur Police) का कहना है कि यह गिरोह पेटीएम केवाईसी (Paytm KYC) के नाम से आनलाइन ​ठगी (Online Thugi) करते थे। इस गिरोह में अभी और लोग भी शामिल हो सकते हैं। पकड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है। इनके पास से करीब साढ़े चार लाख रुपये भी बरामद किए गए हैं। पकड़े गए आनलाइन ठगी करने वाले दस बदमाशों में से दो आरोपी नेपाल (Nepal) के रहने वाले हैं जबकि अन्य आरोपी सहारनपुर (Saharanpur) और दिल्ली (Delhi) के हैं। एक आरोपी कपड़ा व्यापारी भी है।

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लालच देकर लोगों के आधार कार्ड लेने के बाद फर्जी सिम से पेटीएम आईडी बनाकर ठगी का धंधा किया जा रहा था। आरोपियों के पास से साढ़े चार लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं, जबकि 1400 अकाउंट सीज कर करीब 50 लाख रुपये की रकम को फ्रीज कराया गया। आरोपियों के पास से एक कंप्यूटर, एक थंब स्कैनर, प्रिंटर, 24 मोबाइल फोन, 624 सिम कार्ड, 19 आधार कार्ड, 16 आधार कार्ड की छायाप्रति, चार पेटीएम डिवाइस, 20 बार कोड, एक मोहर और तीन बैग बरामद किए गए हैं।

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एसएसपी डा. एस. चनप्पा ने इस गिरोह का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन ठगी की सूचनाओं के आधार पर नुमाईश कैंप क्षेत्र में गौरव गुंबर उर्फ काकू के मकान में छापा मारा गया। इन्होंने खुलासा किया कि फर्जी स्कीमों का लालच देकर लोगों की आईडी लेने के बाद पेटीएम आईडी बनाकर अब तक लाखों रुपये की ठगी की गई। इस गिरोह में दो सदस्य नेपाली और दो दिल्ली के रहने वाले हैं। एसएसपी के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि गिरोह की महिला छमक्क छल्लों सहित अन्य सदस्य फर्जी स्कीम का नाम लेकर उनसे आधार कार्ड, फोटो, पैन कार्ड जैैसे जरूरी दस्तावेज ले लेते थे। इसके बदले उन्हें 1000 रुपये दिए जाते थे। इन दस्तावेजों के आधार पर फर्जी सिम लिए जाते थे और फिर उस सिम नंबर के आधार पर केवाईसी अपडेट कर नया एकाउंट बना लिया जाता था। इसके बाद अन्य लोगों को फर्जी स्कीमों और सट्टे में दुगुने पैसे का लालच देकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देते थे।

 

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