प्रधान यूनियन के नाम पर शहर में टैम्पो और ई रिक्शा चालकों से अवैध वसूली का धंधा चरम पर

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मेरठ। शहर में टैम्पो से अवैध वसूली करने का अवैध धंधा जोरों पर है। पूरे शहर और देहात में प्रधान यूनियन के नाम पर अवैध वसूली की जाती है। अवैध वसूली के आरोप में पुलिस ने दो के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
सिविल लाइन क्षेत्र कमिश्नरी आवास चौराहा पर सोमवार सुबह ई रिक्शा चालकों ने उस वक्त हंगामा कर दिया जब उनसे कुछ लोगों ने तेजगढ़ी तक अपना रिक्शा चलाने की 3000 रुपया महीने की मांग की। हंगामे और मारपीट की सूचना पर थाना सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और युवती को पूछताछ के लिए थाने ले आई। थाना सिविल लाइन पहुंचकर ई रिक्शा चालकों और टैम्पो चालकों ने कार्रवाई की मांग की।

ई रिक्शा चालकों ने बताया कि कमिश्नरी आवास से तेजगढ़ी चौराहे तक टैम्पो यूनियन के नाम पर प्रधान को 350 रुपया महीना दिया जाता है। प्रधान हमसे भी महीना माग रहा है। जबकि हमारी कमाई नहीं हो पाती है। हिरासत में ली गई युवती प्रियंका ने बताया कि एक स्विफ्ट कार सफेद रंग में बैठे एक युवक ने उससे आकर अभद्रता की। उसके पास चोरी की कार है। उसकी शिकायत लेकर थाने पर आई थी। लेकिन पुलिस ने उल्टा उसे ही थाने में बैठा लिया।
कसेरुखेड़ा निवासी देवेन्द्र नाम के एक रिक्शा चालक ने तीन हजार रुपया महीना मांगने का आरोप युवती और एक अन्य युवक पर लगाया है। पुलिस ने युवक की तहरीर पर युवती और युवक के खिलाफ धारा 387 का मुकदमा दर्ज किया है। इंस्पेक्टर सिविल लाइन का कहना है कि अवैध वसूली की शिकायत पर युवती प्रियंका और अक्षय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जबकि एक पत्रकार बताने वाले प्रशांत ने भी मारपीट की शिकायत की है।
चर्चा है​ कि हिरासत में ली गई युवती प्रियंका त्रिपाठी एक साप्ताहिक अखबार में सम्पादक है। उसकी एक बार दैनिक अखबार के फोटोग्राफर से कहासुनी हो गई थी। उस वक्त एसपी सिटी भी मौके पर मौजूद थे। जिसमें युवती ने एसपी सिटी के खिलाफ भी शिकायत की थी। संभावना जताई जा रही है कि सोमवार को युवती को एक साजिश के तहत फंसाया गया है।

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